एक साल में दो बार MPPSC कैसे? जानें मोहन सरकार की प्लानिंग और परीक्षा शेड्यूल की पूरी कहानी

Sanjay Gupta | Oct 07, 2026, 15:10 IST
सीएम डॉ. मोहन यादव ने 2027 में साल में दो बार पीएससी कराने की घोषणा की है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में यूथ कॉन्क्लेव के मंच से साल में दो बार पीएससी कराने की बड़ी घोषणा की। इस ऐलान के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं में नई उम्मीद जगी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस योजना को कैसे लागू करेगी।

यूथ कॉन्क्लेव में सीएम ने युवाओं से जुड़ी कई घोषणाएं कीं, लेकिन साल में दो बार राज्य सेवा परीक्षा कराने की बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही। इसे लेकर द सूत्र ने विभागीय अधिकारियों से बात की और यह जानने की कोशिश की कि सरकार की तैयारी क्या है और यह परीक्षा किस तरह कराई जा सकती है।



यह बोले थे सीएम डॉ. मोहन यादव

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि सरकार ने साल 2027 को युवा वर्ष घोषित किया है। अभी एमपी पीएससी (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा साल में एक बार होती है, लेकिन अगले साल युवाओं के लिए दो बार परीक्षा कराने की तैयारी है।



सीएम ने मंच से यह भी कहा था कि नियमित सालाना पीएससी परीक्षा के अलावा एक विशेष परीक्षा भी कराई जाएगी। उनके मुताबिक इस तरह की व्यवस्था देश में पहली बार होगी।



मोटे तौर पर यह है सरकार की प्लानिंग

सरकार ने हाल ही में करीब 85 हजार पदों पर पदोन्नति की है। इसके बाद द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कई पद खाली हुए हैं। अब इन्हीं खाली पदों को भरने के लिए सरकार विशेष परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है।



इसकी तुलना साल 2006 की भर्ती से की जा रही है। उस समय एसटी और एससी वर्ग के बैकलॉग के खाली पदों को भरने के लिए एकमुश्त बंपर भर्ती निकाली गई थी। इसके बाद अलग से बैकलॉग स्पेशल परीक्षा नहीं हुई।



अब सरकार इसी तरह सभी वर्गों के खाली पदों को एक साथ भरने की योजना बना रही है। इसी प्लानिंग के तहत यह स्पेशल परीक्षा आयोजित की जाएगी।



किस तरह से होगा परीक्षा शेड्यूल

द सूत्र को मिली जानकारी के मुताबिक हर साल होने वाली सामान्य राज्य सेवा परीक्षा की विज्ञप्ति दिसंबर के आखिर में जारी हो सकती है। इसके बाद प्री परीक्षा फरवरी-मार्च में और मेंस जुलाई-अगस्त में कराने की तैयारी है। साल के आखिर तक इंटरव्यू कराकर चयन सूची जारी करने की योजना है।



वहीं स्पेशल परीक्षा के लिए पहले सभी विभागों से खाली पदों का मांगपत्र बुलाया जाएगा। इसके बाद परीक्षा का शेड्यूल तय होगा। तैयारी है कि स्पेशल परीक्षा की प्री अगस्त के आसपास कराई जाए। इसके करीब चार-पांच महीने बाद मेंस परीक्षा कराई जा सकती है।



पद किस तरह से आएंगे

उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहती है कि भर्ती में कितने पद निकलेंगे। तो इस बार खुश हो जाइए। इस बार पदों की संख्या ज्यादा रहने की उम्मीद है। कुछ पदों को सामान्य राज्य सेवा परीक्षा में शामिल किया जाएगा। इसके बाद विशेष परीक्षा के जरिए बड़ी संख्या में भर्ती निकाली जा सकती है।



इन पदों पर भर्ती के लिए मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग को वित्त विभाग से मंजूरी लेनी होगी। अभी व्यवस्था यह है कि खाली पदों को तीन साल में चरणबद्ध तरीके से भरने की मंजूरी दी जाती है। हालांकि जरूरत पड़ने पर वित्त विभाग विशेष स्थिति में अलग से मंजूरी भी दे सकता है।



हाल ही में हुई पदोन्नतियों के बाद 380 नायब तहसीलदार के पद खाली हुए हैं। इसी तरह दूसरे विभागों में भी बड़ी संख्या में पदोन्नतियां हुई हैं। इससे निचले स्तर पर सैकड़ों पद खाली हुए हैं।



अगर वित्त विभाग एक तिहाई पदों को भरने की मंजूरी भी देता है, तब भी भर्ती में सैकड़ों पद आ सकते हैं। ऐसे में इस बार राज्य सेवा परीक्षा में खाली पदों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा हो सकती है। कुल मिलाकर अभी तक के सबसे ज्यादा रिक्त पद आने का रिकॉर्ड टूटेगा।



यह साल 2028 तक जारी रहेगा

ज्यादा पद आने का सिलसिला सिर्फ 2027 की सामान्य और विशेष परीक्षा तक सीमित नहीं रह सकता। वित्त विभाग के फॉर्मूले के तहत खाली पद आगे की भर्तियों में भी जोड़े जाएंगे। यानी राज्य सेवा परीक्षा 2027 और विशेष परीक्षा 2027 के बाद राज्य सेवा परीक्षा 2028 में भी बड़ी संख्या में पद आ सकते हैं।



साल 2028 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में सरकार युवाओं को ज्यादा रोजगार के मौके देने के लिए भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर सकती है। इससे युवाओं की नाराजगी दूर करने कोशिश भी सरकार करेगी।



कुल मिलाकर 2027 की दोनों परीक्षाएं और 2028 की राज्य सेवा परीक्षा युवाओं के लिए बड़े मौके लेकर आ सकती हैं। इसी तरह सिंहस्थ को देखते हुए प्रदेश सरकार फिलहाल पुलिस में 22 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।



अभी से जुट जाइए, बस पढ़ाई पर कीजिए फोकस

द सूत्र की युवा साथियों से अपील है कि अभी सबसे ज्यादा फोकस पढ़ाई पर रखें। आने वाले समय में एक के बाद एक मौके मिल सकते हैं। पहले राज्य सेवा परीक्षा 2027, फिर विशेष परीक्षा 2027 और उसके बाद राज्य सेवा परीक्षा 2028 होगी।



अगर तैयारी लगातार बनी रही तो एक परीक्षा में मौका चूकने पर दूसरी परीक्षा में बेहतर मौका मिल सकता है। इसलिए विवादों और बेवजह की उलझनों से दूरी बनाकर अपनी तैयारी मजबूत रखें।



हमारी यह भी अपील है कि बिना जरूरत कोर्ट-कचहरी के मामलों में न पड़ें। ऐसे मामलों का असर सिर्फ एक उम्मीदवार पर नहीं, बल्कि बाकी युवाओं की भर्ती प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। साल 2025 की राज्य सेवा परीक्षा को लेकर परीक्षा नियमों से जुड़ा मामला भी कोर्ट में पहुंच चुका है।



87-13 फीसदी का क्या होगा

87-13 फीसदी फॉर्मूले से कब छुटकारा मिलेगा, फिलहाल यह साफ नहीं है। अगर हाईकोर्ट जबलपुर का फैसला ओबीसी के पक्ष में नहीं आता है तो सरकार या ओबीसी वेलफेयर कमेटी सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। ऐसे में होल्ड किए गए पद फिलहाल अनहोल्ड होने की संभावना कम रहेगी।



अगर फैसला ओबीसी के पक्ष में आता है तो होल्ड पद खुलने की संभावना बन सकती है। हालांकि ऐसी स्थिति में सामान्य वर्ग की ओर से मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाया जा सकता है।



ऐसे में युवाओं के लिए बेहतर यही है कि वे 87 फीसदी कैटेगरी में मेरिट से जगह बनाने पर फोकस करें और अपनी तैयारी पूरी ताकत के साथ जारी रखें।



अभी तक क्या रहा है पदों का हाल

हाल के वर्षों के आंकड़े देखें तो राज्य सेवा परीक्षा में पदों की संख्या लगातार कम रही है। साल 2019 में 571 पद निकले थे। इसके बाद 2023 में 229, 2024 में 110, 2025 में 158 और 2026 में सिर्फ 156 पद आए।



कम पद आने का असर उम्मीदवारों की संख्या पर भी दिखा। साल 2019 में करीब पौने चार लाख उम्मीदवारों ने फॉर्म भरा था। बाद के वर्षों में यह संख्या घटकर करीब एक लाख तक पहुंच गई।



अब अगर 2027 की सामान्य और विशेष परीक्षा में ज्यादा पद निकलते हैं तो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।

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