क्या आपका पार्टनर भी छोटी बात पर करता है ओवररिएक्ट? जान लें गैसलाइटिंग के ये 5 डेंजर सिग्नल
आजकल के दौर में रिश्तों की परिभाषा काफी बदल गई है। कई बार लोग एक ऐसे रिलेशनशिप में फंसे होते हैं, जहां से वे निकलना तो चाहते हैं, लेकिन प्यार की बेड़ियों की वजह से खुद को बेबस पाते हैं। ऐसे में इंसान को अक्सर अपनी ही काबिलियत पर शक होने लगता है कि आखिर ये सब मेरे साथ ही क्यों हो रहा है?
असल में, कई बार जिसे हम प्यार समझ रहे होते हैं, वह प्यार नहीं बल्कि गैसलाइटिंग होती है। यह एक ऐसा बिहेवियर है जिसे सहते रहने से चीजें और भी खराब हो जाती हैं।
क्या है यह गैसलाइटिंग का मायाजाल?
आजकल गैसलाइटिंग शब्द काफी चर्चा में है। सरल शब्दों में कहें तो यह साइकोलॉजिकल मैनिपुलेशन यानी मानसिक हेरफेर का एक तरीका है। इसमें सामने वाला व्यक्ति आपको इस कदर भ्रमित कर देता है कि आप अपनी ही याददाश्त, भावनाओं और फैसलों पर शक करने लगते हैं। साथी की इन हरकतों से व्यक्ति मानसिक रूप से टूट जाता है और अंत में अकेला रह जाता है।
अगर आप भी अपने रिलेशनशिप (Gen Z Relationships) में उलझन महसूस कर रहे हैं, तो इन 5 संकेतों पर गौर जरूर करें-
1. बात-बात पर ओवररिएक्ट करना
अगर आपका पार्टनर छोटी-छोटी और मामूली बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा ओवररिएक्ट करने लगता है या कड़वी बातें बोलता है, तो यह खतरे की घंटी है। इस तरह का व्यवहार आपके आत्मसम्मान (Self-esteem) को गहरी चोट पहुंचा सकता है।
2. हर वक्त आपको गलत साबित करना
क्या आपका साथी दूसरों के सामने या अकेले में भी आपको हमेशा गलत साबित करने की फिराक में रहता है? अगर हां, तो आप गैसलाइटिंग का शिकार हो रहे हैं। अक्सर लोग अपने पार्टनर पर पूरी तरह निर्भर हो जाते हैं, जिसका फायदा उठाकर सामने वाला व्यक्ति उन्हें मानसिक रूप से दबाने लगता है।
3. बेवजह का शक और बातों से मुकर जाना
अगर आपका पार्टनर आप पर बार-बार शक करता है या अपनी ही कही हुई बातों को भूलने का नाटक करने लगता है, तो समझ जाइए कि वह आपको भ्रमित कर रहा है। ऐसे मानसिक दबाव वाले रिश्ते को ढोने से बेहतर है कि समय रहते आगे बढ़ जाया जाए।
4. सही होने पर भी माफी का दबाव
रिश्ते में सबसे खराब स्थिति तब होती है जब आप सही हों, फिर भी आपको ही माफी मांगने पर मजबूर किया जाए। अगर आपका साथी आपको हमेशा कसूरवार ठहराता है, तो वह आपको मानसिक रूप से नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना ही आपकी भलाई है।
5. जरूरत के वक्त साथ, बाकी समय नजरअंदाज
अगर आपका साथी सिर्फ अपना काम होने पर ही आपके करीब आता है और बाकी समय आपको पूरी तरह नजरअंदाज करता है, तो आप एक खोखले रिश्ते में हैं। ऐसे पार्टनर से आपको कभी भी धोखा मिल सकता है क्योंकि उनका जुड़ाव आपसे नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों से है।
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