सिंहासन छत्तीसी : किसने दिया अपनी गर्लफ्रेंड को डेढ़ लाख का ट्रैक सूट

Arun Tiwari | May 10, 2026, 11:56 IST
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छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख के ट्रैकसूट वाली गर्लफ्रेंड, रिश्वतखोर आईएएस और मंत्री के रसूख के बाद भी नपने वाले कारोबारी के किस्सों ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। आज के सिंहासन छत्तीसी में पढ़िए इन घटनाओं के बारे में विस्तार से

RAIPUR : छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारे एक साहब की गर्लफ्रेंड के किस्सों से गुलजार हो रहे हैं। कहते हैँ इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छुपते। गर्लफ्रेंड ने साहब की तो बलि ले ली लेकिन गिफ्ट के ट्रैक सूट पर फोटो खिंचवा लीं। यह फोटो वायरल हो गईं क्योंकि ट्रैक सूट की कीमत भी डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। सवाल यह है कि प्रेमी साहब की बलि ले ली तो फिर ट्रैक सूट कौन से तीसरे साहब ने दे दिया।



वहीं एक मूंछों वाले आईएएस की लेन देन की आदत ने विभाग के कर्मचारियों को परेशान कर दिया है। एक मंत्रीजी ने अपने कारोबारी मित्र को बचाने की कोशिश की लेकिन उन पर पुलिस का डंडा चल ही गया। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।



मोहतर्मा के कितने दीवाने :

mysterious girlfriend


छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर थोड़ा पुराना हो चुका कांड चर्चा में आ गया है। इसकी वजह है ट्रैकसूट वाली गर्लफ्रेंड की तस्वीरें जो सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। ट्रैकसूट भी कोई ऐसा वैसा नहीं बल्कि पूरे डेढ़ लाख का है। साधारण सी मोहतर्मा के पास इतना महंगा ट्रैकसूट कहां से आया,चर्चा का विषय यही है।



यह मोहतर्मा एक सीनियर आईपीएस की बलि ले चुकी हैं। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि वे साहब से बिल्कुल भी पैसा नहीं लेती थीं। तो फिर इतना महंगा ट्रैकसूट कौन गिफ्ट करता है क्योंकि इनकी माली हालत ऐसी नहीं है और पतिदेव भी आला अफसर नहीं हैं। इसका मतलब कहीं ये तो नहीं कि इसमें कहीं तीसरा एंगल है। यानि कोई और भी चाहने वाला है जो इनको इतना महंगा ट्रैकसूट देता है।



अब तो चर्चा यह भी है कि कहीं सीनियर आईपीएस साहब की बेशर्मी वाली तस्वीरें तीसरे के कारण तो वायरल नहीं की गईं। खैर जो भी है लेकिन अब लोग बलि का बकरा बनने आए नए साहब की तलाश में हैं।



मूछों वाले साहब की कारगुजारियां :

Mustachioed Officer


एक मूंछों वाले साहब की कारगुजारियों से एक महकमा बहुत परेशान है। इन आईएएस का वास्ता टेक्नोंलॉजी से ज्यादा है। अंदर के लोग बताते हैं कि साहब सभी फाइलों को रोक देते हैं जब तक की हरे हरे कागज उन तक नहीं पहुंच जाते। यहां तक कि समयमान वेतनमान देने के लिए अदने से कर्मचारियों से भी मोटी रकम की वसूली तो हो गई लेकिन काम अटक गया।



यदि किसी को लेक्चरर को पीएचडी करना है तो एनओसी के लिए चढ़ावा देना पड़ता है। वहीं यहां पर डेप्युटेशन पर आने के लिए खुलेआम बोली लग रही है। इस तरह के माहौल ने लोगों को हलाकान कर दिया है। यह शायद लोगों की आह ही साहब को लग गई है कि उनका तबादला कर दिया गया है।



मंत्री का बचाव ठंडा- प्रशासन ने चलाया डंडा :

Minister Defense Falls Flat


मंत्री के बचाव के बाद भी एक कारोबारी पर प्रशासन का डंडा चल गया है। बात अंबिकापुर की है। एक बड़े कारोबारी विस्फोटक का काम भी करते हैं। एक दिन विस्फोटक में आग लग गई। गनीमत यह रही कि इससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इसके बचाव में मंत्रीजी उतर आए।



मंत्रीजी ने कह दिया कि यह तो छोटा मोटा मामला है। अब मंत्रीजी के इस बयान के कारण पुलिस दबाव में आ गई और कारोबारी पर छोटी छोटी जमानती धाराएं लगा दी गईं। यह बात राजधानी के प्रशासनिक गलियारों में पहुंच गई। इन दिनों सुशासन तिहार चल रहा तो लापरवाही कैसे की जा सकती है।



राजधानी से आईजी को फरमान जारी हो गया। आईजी ने एसपी को नोटिस जारी कर दिया। एसपी ने तत्काल धाराएं बढ़ा दीं और अब इस अग्निकांड में वो सब गैर जमानती धाराएं लग गईं जो लगनी थीं। मंत्रीजी अब अपना सा मुंह लिए घूम रहे हैं।



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