नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल, 100 अफसर-कर्मचारी इधर से उधर, 53 CMO और 24 इंजीनियर भी बदले
इसके अलावा 24 इंजीनियरों का भी तबादला किया गया है। लेखापाल, स्वास्थ्य निरीक्षक, कैशियर और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। इस फेरबदल से प्रदेश के कई नगर पालिका और नगर पंचायतों में कामकाज की व्यवस्था बदलेगी।
खास बात यह है कि निलंबित चल रहे तीन CMO को भी बहाल किया गया है। हालांकि, उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी जारी रहेगी। आइए जानते हैं किसका कहां तबादला हुआ और किन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है।
नगरीय प्रशासन विभाग में 100 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला
विभाग की ओर से जारी आदेश में अलग-अलग पदों पर काम कर रहे 100 अधिकारी-कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या CMO की है।
तबादला सूची के अनुसार:
- 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) का तबादला किया गया है।
- 24 इंजीनियरों को नई जगह भेजा गया है।
- 5 लेखापालों की पदस्थापना बदली गई है।
- 4 स्वास्थ्य निरीक्षकों का तबादला हुआ है।
- 4 भृत्यों को नई जगह भेजा गया है।
- 3 कैशियरों का स्थानांतरण किया गया है।
- 3 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की नई पदस्थापना हुई है।
- एक स्टेनोग्राफर, एक सहायक राजस्व निरीक्षक, एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और एक वाहन चालक का भी तबादला किया गया है।
इस तरह विभाग ने कुल 100 अधिकारी-कर्मचारियों की नई जगह तैनाती की है।
तीन CMO को निलंबन से किया गया बहाल
इस तबादला आदेश में तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों का मामला खास है। विभाग ने विकास पाटले, विष्णु प्रसाद यादव और जफर खान को निलंबन से बहाल कर दिया है।
हालांकि, इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच जारी रखते हुए उन्हें नई जगह जिम्मेदारी दी गई है।
तीनों अधिकारियों की नई पदस्थापना इस प्रकार है:
- विकास पाटले: दल्ली राजहरा नगर पालिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाए गए हैं।
- विष्णु प्रसाद यादव: वाड्रफनगर नगर पंचायत में CMO की जिम्मेदारी दी गई है।
- जफर खान: बिलाईगढ़ नगर पंचायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाया गया है।
बहाली का मतलब क्लीनचिट मिलना नहीं
तीनों अधिकारियों को निलंबन से बहाल जरूर किया गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें विभागीय जांच में क्लीनचिट मिल गई है।
शासन ने साफ किया है कि तीनों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। उनके निलंबन की अवधि को लेकर अंतिम फैसला भी बाद में लिया जाएगा।
यह फैसला जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मामले के गुण-दोष के आधार पर होगा। यानी फिलहाल तीनों अधिकारी दोबारा काम संभालेंगे। लेकिन उनके खिलाफ चल रही जांच का नतीजा आना बाकी है।
53 CMO और 24 इंजीनियरों के तबादले से बदलेगी व्यवस्था
नगरीय प्रशासन विभाग के इस बड़े फेरबदल का असर प्रदेश के कई नगरीय निकायों में दिखाई देगा। खासकर 53 CMO और 24 इंजीनियरों की नई पदस्थापना से प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज की जिम्मेदारियां बदलेंगी।
नगर पालिका और नगर पंचायतों में रोजमर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी CMO के पास होती है। वहीं, इंजीनियर निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े काम संभालते हैं।
ऐसे में नई पदस्थापना के बाद कई निकायों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल जाएंगी। अब देखना होगा कि इस Administrative Reshuffle के बाद नगरीय निकायों में कामकाज कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।
फिलहाल विभाग के इस आदेश से 100 अधिकारी-कर्मचारियों की नई जिम्मेदारी तय हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय निकायों के कामकाज पर देखने को मिलेगा।