माखन चोर नन्द किशोर के जन्मोत्सव पर बने 1100 किलो मालपुए, मंदिरों में धूम-धाम से मनेगी जन्माष्टमी

Kanak Durga Jha | Aug 26, 2024, 07:26 IST
1100 kg Malpua made on Krishna's janmotsav
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महोत्सव पर रायपुर के कई मंदिरों में जोरों-शोरों से तैयारियां चल रही है। आज मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन और पूजा आरती के साथ भंडारा आयोजित किया जाएगा।

श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां छत्तीसगढ़ में धूमधाम से चल रही है। कहीं मेला तो कहीं भगवान कृष्ण के लिए भोग के बाद भंडारे का आयोजन किया गया है। इसके बाद प्रदेश के कई जगहों में दही हांडी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पिछले 15 दिनों से ही शहरों में तैयारियां शुरू हो गई थी।



जन्माष्टमी में झूमे श्रद्धालु

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महोत्सव पर रायपुर के कई मंदिरों में जोरों-शोरों से तैयारियां चल रही है। आज मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन और पूजा आरती के साथ भंडारा आयोजित किया जाएगा। वहीं भगवान कृष्ण का भव्य रूप श्रृंगार किया जाएगा। रायपुर के दूधाधारी मठ में भगवान कृष्ण को पंच अमृत स्नान कराने के बाद उन्हें फूलों से सजाया जाएगा। बता दें कि आज के दिन दूधाधारी मठ में भगवान का स्वर्ण शृंगार किया जाता है। भगवान के दर्शन के लिए आज के दिन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।




श्याम मंदिर में धूमधाम से चल रही जन्मोत्सव की तैयारी

रायपुर के समता कॉलोनी स्थित श्याम मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां धूम धाम से चल रही है। आज जन्माष्टमी के पर्व पर मंदिर में संध्या काल के समय भव्य कार्यक्रम का आयोजन कियाक गया है। वहीं रायपुर के सालासर बालाजी मंदिर में भी विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आज गुढ़ियारी के हनुमान मंदिर में भी भजन-कीर्तन के साथ भंडारा का आयोजन किया गया है।




जैतूसाव मठ में भगवान कृष्ण के लिए बना 1100 किलो मालपुआ

रायपुर के जैतूसाव मठ में 1100 किलो मालपुआ तैयार किया गया है। रायगढ़ के प्रसिद्ध गौरीशंकर मंदिर में भी मेले की शुरुआत हुई है यहां 5 दिनों तक जन्माष्टमी का मेला लगता है। जैतूसाव मठ 200 साल पुराना है। यहां पुरानी बस्ती क्षेत्र स्थित जैतुसाव मंदिर में अंग्रेजों के समय से माल पुए बनते आ रहे हैं।



इस बार भी 1100 किलो मालपुए तैयार किए गए हैं। लकड़ी के चूल्हे पर इसे धीमी आंच पर बनाया जाता है। इसके बाद एक बड़े से कमरे में सूखी घास पर मालपुए को सुखाया जाता है, ताकी एक्स्ट्रा घी बाहर निकल जाए। इसके बाद इसे सुरक्षित सीता रसोई नाम की एक रसोई में रखा जाता है। इसका वितरण 27 अगस्त को किया जाएगा।



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