19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार, पदोन्नति के साथ नई जिम्मेदारी, क्रॉप सर्वे पूरा होने के बाद ही कई अफसर होंगे रिलीव
छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार बना दिया है। जारी आदेश में इन अफसरों को पदोन्नति के साथ नई जगह भी भेजा गया है। यानी प्रमोशन के साथ ही कई अफसरों का जिला और कामकाज का ठिकाना भी बदल गया है। यह पदोन्नति वेतन मैट्रिक्स लेवल-9 में हुई है, जिसमें ₹38,100 से ₹1,20,400 तक वेतनमान है।
किसे कहां भेजा गया
आयुष तिवारी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ से बलौदाबाजार-भाटापारा भेजा गया है। उमेश कुमार लहरी बेमेतरा से महासमुंद और मोहित कुमार अमीला महासमुंद से बालोद जाएंगे। अबदुल वसीम सिद्दीकी और योगेश राजपूत को राजनांदगांव और गरियाबंद से दुर्ग भेजा गया है।
अभिषेक अग्रवाल बलौदाबाजार-भाटापारा में ही रहेंगे। श्रद्धा सिंह को बिलासपुर की राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण शाला में पदस्थ किया गया है। सृजल साहू जांजगीर-चांपा से महासमुंद और प्रशांत गुप्ता जांजगीर-चांपा से नारायणपुर जाएंगे।
कई जिलों में बड़ा फेरबदल
प्रकाश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा से सारंगढ़-बिलाईगढ़, चन्द्र कुमार जांजगीर से बलरामपुर-रामानुजगंज और हुलेश्वर कुमार कबीरधाम से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भेजे गए हैं। जयंत कुमार पटेल बेमेतरा से रायगढ़ पहुंचेंगे।
विभोर यादव की पदस्थापना बिलासपुर में ही रहेगी। कोमल प्रसाद साहू सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सक्ती जाएंगे। शशि नर्मदा को नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर भेजा गया है। जानकी काठले कोरबा में ही रहेंगी, जबकि नागेश तांजय कबीरधाम से राजनांदगांव जाएंगे।
जांच हुई तो प्रमोशन खत्म
प्रमोशन के साथ सरकार ने शर्त भी साफ कर दी है। अगर किसी अफसर के खिलाफ विभागीय जांच पहले से चल रही है या जांच का आदेश हो चुका है, अथवा वह निलंबित है, तो उसका प्रमोशन आदेश अपने आप शून्य माना जाएगा। यानी पदोन्नति मिलने के बाद भी जांच या निलंबन की स्थिति सामने आने पर यह फायदा टिकेगा नहीं।
10 दिन में ज्वाइन नहीं तो आदेश रद्द
नई पोस्टिंग पर पहुंचने के लिए भी समय सीमा तय कर दी गई है। अफसर को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना पर ज्वाइन करना होगा। तय समय में कार्यभार नहीं संभाला तो पदोन्नति आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा।
क्रॉप सर्वे ने रोक रखी रवानगी
सबसे अहम बात खरीफ-2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार, पदोन्नति के साथ नई जिम्मेदारी, क्रॉप सर्वे पूरा होने के बाद ही कई अफसर होंगे रिलीव को लेकर है। सरकार ने कलेक्टरों को कहा है कि मौजूदा डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा होने के बाद ही संबंधित नायब तहसीलदारों को रिलीव किया जाए।
मतलब प्रमोशन का आदेश आज आ गया, लेकिन जिन अफसरों पर क्रॉप सर्वे की जिम्मेदारी है, उनकी तत्काल रवानगी नहीं होगी। सर्वे पूरा होने के बाद ही वे नई जगह पहुंच सकेंगे।
अस्थायी तौर पर नई जिम्मेदारी
सभी 19 अफसरों की नई पदस्थापना कार्यभार संभालने की तारीख से अस्थायी रूप से की गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक रहेगी। आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्यपाल के नाम से जारी किया है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदारों की पदोन्नति कब की गई है?
छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार बना दिया है। यह पदोन्नति हाल में की गई है, जिसमें इन अफसरों को नई जगह भेजा गया है। - पदोन्नति के साथ अफसरों की नई पोस्टिंग कैसे निर्धारित की गई है?
नायब तहसीलदारों को पदोन्नति के साथ नई जगह भेजा गया है, जिसमें कई अफसरों का जिला और कामकाज का ठिकाना बदल गया है। उन्हें 10 दिन के भीतर नई पोस्टिंग पर ज्वाइन करना होगा, अन्यथा पदोन्नति आदेश निरस्त हो जाएगा। - क्या पदोन्नति के साथ किसी तरह की शर्तें भी रखी गई हैं?
हाँ, सरकार ने शर्तें रखा है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है या वह निलंबित है, तो उसका प्रमोशन आदेश अपने आप शून्य माना जाएगा।