आत्मसमर्पित माओवादी निकले जंगल में छिपे 21 लाख रुपए निकालने, दो पूर्व महिला नक्सलियों समेत तीन गिरफ्तार

Umeshwari Baghel | Oct 31, 2026, 22:28 IST
गरियाबंद में 21 लाख नकद बरामद, दो आत्मसमर्पित महिला माओवादियों समेत तीन गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण कर चुकीं दो पूर्व महिला माओवादी जंगल में छिपी 21 लाख रुपए की नकदी निकालने पहुंच गईं। रकम लेकर बाहर निकलने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।यह मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल का है।

गरियाबंद में 21 लाख रुपए बरामद होने की यह कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। पुलिस का दावा है कि यह रकम नक्सली संगठन ने अवैध वसूली से जुटाई थी।



समझें क्या है पूरा मामला

  • मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल से तीन लोग पकड़े गए।
  • इनमें दो पूर्व महिला माओवादी हैं, जो पहले आत्मसमर्पण कर चुकी थीं।
  • बैग से 21 लाख रुपए नकद बरामद हुए।
  • पुलिस के मुताबिक रकम 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने जमीन में छिपाई थी।
  • तीनों पर बीएनएस और यूएपीए की धाराओं में मामला दर्ज है।

राजाडेरा जंगल में पुलिस ने कैसे पकड़ा?

मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना थी कि कुछ लोग राजाडेरा पहाड़ी के आसपास संदिग्ध गतिविधि में शामिल हैं। पुलिस ने निगरानी बढ़ाकर घेराबंदी की। इसी बीच जंगल से बैग लेकर लौट रहे तीन लोग संदिग्ध लगे। पुलिस को देखकर उन्होंने छिपने की कोशिश की। घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया गया।




बैग में क्या मिला?

काले रंग के बैग की तलाशी में टिफिन से 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां मिलीं। गिनती में कुल 21 लाख रुपए निकले। पुलिस ने नकदी के साथ तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की।



गिरफ्तार तीनों कौन हैं?

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान पुलिस ने सिंगे उर्फ रोशनी और बुधरी मुचाकी उर्फ बुदरी उर्फ सोनी के रूप में बताई है। दोनों सुकमा जिले की रहने वाली हैं और पहले नक्सली संगठन में सक्रिय थीं।



पुलिस के मुताबिक सिंगे उर्फ रोशनी नक्सली कमांडर चलपति की सुरक्षा में तैनात रह चुकी है। बुधरी मुचाकी सीनापाली दलम की कमांडर रह चुकी है। दोनों ने बाद में सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण किया था।



तीसरे आरोपी की पहचान नोहर मरकाम के रूप में हुई है। वह मैनपुर थाना क्षेत्र के भुतबेड़ा गांव का निवासी है। पुलिस उसे नक्सलियों का पुराना सहयोगी बता रही है।




पुलिस का दावा: 2024 में दबाई गई थी रकम

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार नक्सली कमांडर चलपति ने 2024 में राजाडेरा की पहाड़ी में 21 लाख रुपए जमीन के नीचे छिपाए थे। पुलिस का कहना है



कि यह रकम ठेकेदारों और स्थानीय लोगों से धमकी देकर की गई अवैध वसूली से जुटाई गई थी। संगठन के कुछ पुराने सदस्यों को इस रकम की जानकारी थी। इसी जानकारी से रकम निकालने की योजना बनी। यह पुलिस का दावा है।



पुनर्वास कैंप में रची योजना?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार दोनों महिलाएं पुनर्वास कैंप में रह रही थीं। इसी दौरान उन्होंने जंगल में छिपी रकम निकालने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने पुराने परिचित नोहर मरकाम से संपर्क किया। तीनों राजाडेरा के जंगल पहुंचे और नकदी निकाल ली। लौटते समय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।




किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?

तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज है। इसके साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धारा 17, 18, 20, 38 और 40 भी लगाई गई हैं। यूएपीए के तहत मामला दर्ज होना गंभीर माना जाता है।



अब पुलिस क्या जांच कर रही है?

पुलिस अब आरोपियों के पुराने संपर्कों और बरामद रकम से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। वह यह भी पता लगा रही है कि रकम निकालने के पीछे असली मंशा क्या थी। साथ ही यह देखा जा रहा है कि योजना में कोई और शामिल था या नहीं। तीनों फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं।



अब आगे क्या?

अब सवाल यह है कि जांच में और कौन से नाम सामने आते हैं। यह भी देखना होगा कि अदालत में पुलिस के दावे कितने टिक पाते हैं। जब तक आरोप साबित नहीं होते, तीनों आरोपी ही हैं। रकम की असली मंशा और स्रोत पर अंतिम फैसला जांच और अदालत से ही आएगा।




यह खबर क्यों जरूरी है

यह मामला आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से जुड़ा है। पुलिस के दावे के मुताबिक पुनर्वास कैंप में रह रहीं दो पूर्व माओवादी रकम निकालने पहुंचीं। इससे नक्सली संगठन के पुराने आर्थिक नेटवर्क पर नए सवाल उठते हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि इसे सभी आत्मसमर्पित लोगों से न जोड़ा जाए। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह कार्रवाई जांच का विषय है और आरोप अभी अदालत में साबित होने हैं। आगे की जांच से यह साफ होगा कि क्या यह अकेली घटना है या इसके पीछे और लोग भी हैं।



FAQ

सवाल: गरियाबंद में पुलिस ने क्या बरामद किया?



जवाब: मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल से 21 लाख रुपए नकद बरामद हुए। नोट 500-500 रुपए के थे। पुलिस ने तीन मोबाइल और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की।



सवाल: कितने लोग गिरफ्तार हुए और वे कौन हैं?



जवाब: तीन लोग। इनमें आत्मसमर्पण कर चुकीं दो पूर्व महिला माओवादी और एक पुराना सहयोगी है। तीनों पर बीएनएस और यूएपीए की धाराएं लगी हैं।



सवाल: रकम किसकी बताई जा रही है?



जवाब: पुलिस का दावा है कि रकम नक्सली कमांडर चलपति ने 2024 में अवैध वसूली से जुटाकर जमीन में छिपाई थी। यह पुलिस का दावा है, अदालत में साबित होना बाकी है।

Tags:
  • गरियाबंद में 21 लाख रुपये बरामद
  • आत्मसमर्पित माओवादी महिलाएं गिरफ्तार
  • राजाडेरा जंगल मैनपुर
  • नक्सली कमांडर चलपति
  • यूएपीए के तहत मामला
  • पुनर्वास कैंप में रची योजना
  • Gariaband Maoists arrested Rs 21 lakh
  • surrendered Maoists arrested Chhattisgarh
  • Chalapati Maoist commander cash