छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में अब महिला कलेक्टर, 36% जिलों की कमान महिलाओं के पास
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ सरकार ने 18 अगस्त को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।
- इसके बाद राज्य के 12 जिलों में महिला आईएएस अधिकारी तैनात हैं।
- अब कुल 33 में से 36 फीसदी जिलों की कमान महिलाओं के पास है।
- सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर में नई तैनातियां की गई हैं।
- यह फैसला राज्य प्रशासन में महिला नेतृत्व को मजबूत करता है।
12 जिलों में महिला कलेक्टर तैनात
छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार ने कई अधिकारियों के तबादले किए। इस सूची के आने के बाद एक बड़ा बदलाव दिखा है। अब राज्य के 12 जिलों में महिला कलेक्टर तैनात हैं।
राज्य में कुल 33 जिले हैं। इनमें से 12 जिलों में महिला अफसर कमान संभाल रही हैं। यह कुल जिलों का लगभग 36 फीसदी हिस्सा है। हालिया तबादला सूची में तीन जिलों में नई महिला कलेक्टर बनाई गईं।
तीन जिलों में नई तैनाती
हालिया आदेश में तीन जिलों में नई महिला अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। वर्ष 2016 बैच की आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती भेजा गया। उन्हें सक्ती का नया कलेक्टर बनाया गया है।
तुलिका प्रजापति को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे पहले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर थीं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम को नई जिम्मेदारी मिली है। तनुजा सलाम अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की नई कलेक्टर बनी हैं।
12 जिलों में महिला कलेक्टर
राज्य के कई जिलों में महिला अधिकारी पहले से सेवाएं दे रही हैं। कोंडागांव में नूपुर राशि पन्ना तैनात हैं। बेमेतरा जिले की कमान प्रतिष्ठा ममगई संभाल रही हैं। नारायणपुर में नम्रता जैन कलेक्टर के पद पर हैं।
बालोद जिले में दिव्या मिश्रा तैनात हैं। सूरजपुर जिले की जिम्मेदारी रेना जमील के पास है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पद्मिनी भोई साहू कलेक्टर हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कमान चंदन संजय त्रिपाठी के पास है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में संतंन देवी जांगड़े तैनात हैं। कोरिया जिले की जिम्मेदारी रोक्तिमा यादव संभाल रही हैं। सक्ती में जयश्री जैन को जिम्मेदारी मिली है। कबीरधाम में तुलिका प्रजापति तैनात की गई हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में तनुजा सलाम कलेक्टर बनी हैं।
कलेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका
जिला प्रशासन में कलेक्टर सबसे अहम पद होता है। कलेक्टर राज्य सरकार और जिले के बीच मुख्य कड़ी हैं। जिले में सरकारी योजनाओं को लागू करना उनकी जिम्मेदारी है। वे विकास कार्यों की लगातार समीक्षा करते हैं।
आपदा प्रबंधन में भी कलेक्टर की भूमिका मुख्य होती है। विभिन्न सरकारी विभागों में समन्वय बनाना उनका काम है। राजस्व प्रशासन का काम भी कलेक्टर के अधीन आता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी उनकी बड़ी भूमिका है।
शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन कलेक्टर कराते हैं। महिला एवं बाल विकास की योजनाएं भी उनके दायरे में आती हैं। सामाजिक कल्याण की योजनाओं की वे निगरानी करते हैं। प्रशासनिक एजेंसियों के साथ वे लगातार तालमेल बनाते हैं।
प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा
यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य सरकार की नई व्यवस्था का हिस्सा है। सरकार विभिन्न विभागों में पुनर्गठन कर रही है। अधिकारियों को उनके अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारी मिली है।
इस फेरबदल से शासन में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ा है। प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है। इसे सरकार के सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण पर लगातार काम हो रहा है। सरकारी तंत्र में महिलाओं की भागीदारी एक मुख्य विषय है। 33 में से 12 जिलों में महिला कलेक्टरों की तैनाती इसी की झलक है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के कितने जिलों में महिला कलेक्टर तैनात हैं?
छत्तीसगढ़ के कुल 33 जिलों में से 12 जिलों में महिला आईएएस अधिकारी कलेक्टर के पद पर तैनात हैं। यह कुल जिलों का लगभग 36 फीसदी है। - 18 अगस्त के फेरबदल में किन जिलों में नई महिला कलेक्टर बनी हैं?
18 अगस्त के फेरबदल में सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में नई महिला कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है। - सक्ती जिले का नया कलेक्टर किसे बनाया गया है?
2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
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