अंबिकापुर में व्यवसायी से 2.39 करोड़ की धोखाधड़ी, आरोपी सुजीत जायसवाल गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
Ambikapur। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने शहर के व्यवसायी से 2 करोड़ 39 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में प्रतीक स्टील ट्रेडर्स के संचालक सुजीत जायसवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पुलिस ने रविवार को शहर के गुदरी चौक के पास से पकड़ा। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला जमीन और धर्मकांटा लगाने के नाम पर लिए गए पैसों से जुड़ा है। व्यवसायी ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने जरूरत बताकर उससे बड़ी रकम ली थी। बाद में जमीन उपलब्ध कराने और धर्मकांटा शुरू कराने का भरोसा दिया गया। हालांकि तय समय के बाद न तो जमीन मिली और न ही पूरी रकम वापस की गई।
कारोबारी पहचान के बाद शुरू हुआ था लेन-देन
मामला अंबिकापुर शहर के पुराना बस स्टैंड इलाके का है। यहां रहने वाले व्यवसायी राहुल गोयल जय हनुमान कोल डिपो, मारुति मिनरल्स और जय हनुमान रोड लाइंस नाम से कारोबार संचालित करते हैं।
राहुल गोयल ने 12 जून 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने प्रतीक स्टील ट्रेडर्स के संचालक सुजीत जायसवाल निवासी वसुंधरा विहार गोधनपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
व्यवसायी ने पुलिस को बताया कि सुजीत जायसवाल से उनका पहले से कारोबारी परिचय था। इसी संबंध के आधार पर आरोपी ने खुद को आर्थिक परेशानी में बताते हुए पैसों की जरूरत बताई थी। इसके बाद अगस्त 2021 से नवंबर 2022 के बीच अलग-अलग समय पर आरोपी को कुल 4 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपए दिए गए थे।
कुछ रकम लौटाई फिर बाकी पैसे अटक गए
शिकायत के अनुसार आरोपी ने जय हनुमान कोल डिपो के लिए करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपए और मारुति मिनरल्स के लिए 94 लाख रुपए वापस किए थे। इसके बाद भी बड़ी रकम बाकी रह गई थी।
व्यवसायी का आरोप है कि बची हुई राशि वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद जमीन और धर्मकांटा दिलाने की बात कही गई।
आरोप है कि सुजीत जायसवाल ने उत्तर प्रदेश के दुद्धी इलाके में जमीन दिलाने और वहां धर्मकांटा स्थापित करने का भरोसा दिया था। इसी आधार पर व्यवसायी ने मार्च 2022 में अहाता और अन्य निर्माण कार्यों पर करीब 26 लाख रुपए खर्च किए थे।
इसके अलावा जुलाई 2022 में करीब 5 लाख 48 हजार रुपए खर्च कर धर्मकांटा भी खरीदा गया था। हालांकि बाद में न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।
रुपए मांगने पर धमकी देने का आरोप
व्यवसायी ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे धमकाया। शिकायत के मुताबिक मार्च 2026 में भी उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी।
मामले की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 316(5), 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया था।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार पकड़ से बाहर था। इसी बीच 20 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि सुजीत जायसवाल अंबिकापुर शहर के गुदरी चौक के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच में लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
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