निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर महिला व्याख्याता से 55 लाख की ठगी
अंबिकापुर। आसान तरीके से पैसा दोगुना करने और हर महीने अच्छा मुनाफा देने का लालच कई बार लोगों को बड़ी आर्थिक परेशानी में डाल देता है। अंबिकापुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला व्याख्याता को निवेश के नाम पर 55 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। आरोप है कि एक व्यापारिक कंपनी में पैसा लगाने का झांसा देकर महिला से बड़ी रकम जुटाई गई। इस मामले में पुलिस ने स्काउट-गाइड अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी में निवेश के नाम पर शुरू हुआ पूरा मामला
अंबिकापुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता निर्मला मिंज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उनके स्कूल की ही एक अन्य व्याख्याता संगीता राय तिर्की ने उन्हें एएसए व्यापारिक कंपनी में निवेश करने की जानकारी दी थी। उन्हें बताया गया कि कंपनी में पैसा लगाने से अच्छा लाभ मिलेगा और हर महीने निश्चित आमदनी हो सकती है।
इसके बाद संगीता राय तिर्की ने उनकी मुलाकात जिला स्काउट-गाइड अधिकारी योगेश विश्वकर्मा से कराई। आरोप है कि योगेश ने कंपनी में निवेश के फायदे गिनाए और बताया कि नौकरीपेशा लोगों को वेतन पर्ची के आधार पर आसानी से बैंक से लोन मिल सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोन की किस्त कंपनी की तरफ से जमा की जाएगी और निवेशक को हर महीने लाभ राशि भी मिलेगी।
46 लाख रुपए का लोन लेकर कराया निवेश
शिकायत के अनुसार, महिला व्याख्याता को इस योजना में भरोसा दिलाकर अलग-अलग बैंकों से करीब 46 लाख 12 हजार रुपए का लोन कराया गया। उन्हें बताया गया था कि बैंक की किस्त कंपनी भरेगी और निवेश के बदले हर महीने लगभग 40 हजार रुपए तक का फायदा मिलेगा।
निर्मला मिंज को शुरुआत में लगा कि कंपनी अपने वादे के मुताबिक काम कर रही है। वह लोन की किस्त और निवेश से जुड़े मामलों को लेकर निश्चिंत रहीं। लेकिन करीब डेढ़ साल बाद जब बैंकों की ओर से किस्त जमा करने का नोटिस मिला तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आने लगी। इसके बाद उन्हें खुद करीब 9 लाख 27 हजार रुपए की किस्त जमा करनी पड़ी।
कंपनी पर पहले से दर्ज है मामला
किस्त जमा करने को लेकर जब महिला ने कंपनी से जुड़े लोगों से जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि संबंधित व्यापारिक कंपनी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कुल 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मामले की जांच के बाद अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें जिला स्काउट-गाइड अधिकारी योगेश विश्वकर्मा, अरुण कुशवाहा, आकाश सिंह, शशिकांत सिंह और व्याख्याता संगीता राय तिर्की के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है।
कई शिक्षक भी हुए ठगी का शिकार
पुलिस के अनुसार, एएसए कंपनी में निवेश के नाम पर कई अन्य शिक्षक भी ठगी का शिकार हुए हैं। हालांकि अभी तक एक ही व्यक्ति की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनी के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गई।
पुलिस की जांच में आगे यह भी साफ होगा कि निवेश योजना के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे और रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
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