अंबिकापुर में छात्र से हिंदी-अंग्रेजी में 200 बार गाली लिखवाने का आरोप, जांच शुरू
समझें क्या है पूरा मामला
- स्कूल में छात्र को गाली लिखने की सजा देने का आरोप
- अंबिकापुर के बिरला स्कूल में छात्र से गलत शब्द लिखवाए
- छात्र की कॉपी में मिली गालियां, अभिभावकों ने जताई नाराजगी
- सजा के तरीके पर सवाल, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
- 200 बार गाली लिखवाने का आरोप, स्कूल प्रबंधन जांच के घेरे में
Ambikapur। सरगुजा जिले के एक निजी स्कूल में छात्र को सजा देने का मामला सामने आया है। शहर के सरगंवा स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल पर आरोप है कि कक्षा 8वीं के एक छात्र से हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गालियां लिखवाई गईं। मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार स्कूल में कक्षा आठवीं के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि एक छात्र ने दूसरे छात्र को गाली दी थी। इसकी शिकायत शिक्षिका से की गई। इसके बाद शिक्षिका ने अनुशासन के नाम पर छात्र को सजा दी।
कॉपी में लिखवाईं गालियां, अभिभावकों से मांगे हस्ताक्षर
बताया जा रहा है कि पहले छात्र को अंग्रेजी भाषा में 100 बार गाली लिखने के लिए कहा गया। इसके बाद वही शब्द हिंदी में भी 100 बार लिखने का निर्देश दिया गया। छात्र ने शिक्षिका के आदेश के अनुसार कॉपी के पन्नों पर लिख दिया।
इसके बाद छात्र को उन पन्नों पर अभिभावक के हस्ताक्षर करवाकर लाने के लिए कहा गया। जब अभिभावकों ने कॉपी देखी तो वे हैरान रह गए। उन्होंने स्कूल पहुंचकर इस मामले पर आपत्ति जताई और शिक्षिका से जवाब मांगा।
अभिभावकों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि छात्र को इस तरह की सजा देकर मानसिक रूप से परेशान किया गया। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने की जगह है, लेकिन इस तरह के शब्द लिखवाना गलत है।
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
DEO ने भेजी जांच टीम
मामले की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सहायक संचालक शिक्षा को स्कूल भेजकर पूरे मामले की जानकारी जुटाने को कहा है।
DEO ने कहा कि विद्यार्थियों को स्कूल में शिक्षा और संस्कार देने के लिए भेजा जाता है। उनसे इस तरह के अशोभनीय शब्द लिखवाना उचित नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठन भी कार्रवाई की मांग कर रहे
मामला सामने आने के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए सकारात्मक तरीके अपनाए जाने चाहिए, न कि अपमानजनक सजा दी जानी चाहिए।
पहले भी विवादों में रहा है स्कूल
बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल इससे पहले भी शिक्षा विभाग की कार्रवाई का सामना कर चुका है। स्कूल पर शिक्षा का अधिकार (RTE) नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा था। जांच के बाद विभाग ने स्कूल पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।
उस समय निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई कराने सहित कुछ अन्य अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद भी स्कूल को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष नहीं आया सामने
इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
FAQ
- अंबिकापुर के किस स्कूल में छात्र से गाली लिखवाने का मामला सामने आया है?
यह मामला अंबिकापुर के सरगंवा स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल का है। यहां कक्षा 8वीं के छात्र से सजा के तौर पर हिंदी और अंग्रेजी में गालियां लिखवाने का आरोप लगाया गया है। - छात्र को किस तरह की सजा देने का आरोप है?
आरोप है कि छात्र से पहले अंग्रेजी में 100 बार और फिर हिंदी में 100 बार गालियां लिखवाई गईं। इसके बाद उन पन्नों पर अभिभावक के हस्ताक्षर करवाकर लाने को कहा गया। - मामले में शिक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
शिकायत मिलने के बाद सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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