विधानसभा में अब कागजों की जगह चलेगा डिजिटल सिस्टम, सवाल-जवाब से लेकर समितियों का काम होगा ऑनलाइन

VINAY VERMA | Nov 06, 2026, 18:18 IST
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अब नहीं लगेंगे कागजों के ढेर, पूरी कार्यवाही होगी डिजिटल
Chhattisgarh Assembly is moving towards a fully digital and paperless system under the NeVA initiative, with online access to questions, answers, documents, and committee proceedings.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अब कागजों और फाइलों का इस्तेमाल कम होने वाला है। आने वाले समय में विधानसभा का पूरा कामकाज डिजिटल होगा। विधायकों के सवाल, उनके जवाब और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। समितियों से जुड़े काम भी डिजिटल तरीके से होंगे। सरकार ने इसकी तैयारी तेज कर दी है।

इसके लिए विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है।



इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा हो गया है। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने की जानकारी दी गई। उन्हें अलग-अलग मॉड्यूल का इस्तेमाल करना भी सिखाया गया। इसका मकसद विधानसभा की पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है।



सवाल लगाने से जवाब मिलने तक ऑनलाइन व्यवस्था

प्रशिक्षण के दौरान तीन प्रमुख मॉड्यूल एडमिन, प्रश्न और समिति के संचालन की जानकारी दी गई। प्रश्न मॉड्यूल के जरिए विधानसभा में पूछे जाने वाले सवालों और उनसे जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से संभालने की व्यवस्था होगी। इससे सवालों के प्रबंधन, जवाब तैयार करने और संबंधित जानकारी के आदान-प्रदान में आसानी होगी।



अभी विधानसभा के कई कामों में कागजी दस्तावेजों और फाइलों का इस्तेमाल होता है। NeVA लागू होने के बाद इन प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है। इससे दस्तावेजों को ढूंढने, सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में कम समय लगेगा।



समितियों का काम भी होगा डिजिटल

विधानसभा की विभिन्न समितियों से जुड़े कामकाज को भी डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की योजना है। इसके लिए समिति मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया गया। इसके माध्यम से समितियों से जुड़े दस्तावेज, सूचनाएं और अन्य विधायी काम ऑनलाइन संभाले जा सकेंगे।



वहीं, एडमिन मॉड्यूल के जरिए सिस्टम के संचालन और प्रबंधन से जुड़े काम किए जाएंगे। इन तीनों मॉड्यूल को मिलाकर विधानसभा के अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश है।



दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के NeVA समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। इसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए।



कागज, समय और खर्च तीनों बचाने की तैयारी

NeVA भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश की विधानसभाओं को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ में इसका प्रभावी इस्तेमाल होने पर सदन से जुड़े दस्तावेजों की छपाई और कागज की खपत कम हो सकती है। साथ ही, सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आएगी और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना आसान होगा।



हालांकि, दो दिन की ट्रेनिंग के बाद विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस नहीं हो जाएगी। इसके लिए सिस्टम को लागू करना होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से इसका इस्तेमाल सिखाना होगा। साथ ही, डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह तैयार करना होगा। असली बदलाव तब दिखेगा, जब सदन की कार्यवाही से जुड़े रोजमर्रा के कामकाज में कागजी फाइलों की जगह NeVA ले लेगा।



यह खबर क्यों जरूरी है

विधानसभा के सवाल, जवाब और समिति के दस्तावेज जनता के प्रतिनिधियों और जनहित से जुड़े हैं। इनका डिजिटल होना जानकारी तक पहुंच को आसान बना सकता है और कागजी खर्च घटा सकता है। यह बदलाव विधायी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है।

Tags:
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा
  • विधानसभा में डिजिटल सिस्टम
  • CG Assembly Digital
  • NeVA Application
  • ई-विधान एप्लीकेशन
  • NeVA