शिक्षा मंत्री के जिले में GEN-ALFA का गुस्सा, शिक्षक मांगते हुए किया प्रदर्शन
समझे क्या हैं मामला
- आत्मानंद स्कूल के बच्चों का सड़क पर हंगामा।
- चार साल से नहीं मिले मुख्य विषय शिक्षक।
- शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले में फूटा गुस्सा।
- चक्काजाम के बाद विभाग ने दो शिक्षक जोड़े।
- जेन अल्फा पीढ़ी ने अधिकारों के लिए हुंकार भरी।
शिक्षा मंत्री के गढ़ में फूटा गुस्सा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में स्थित पेंड्रवन आत्मानंद स्कूल के बच्चों का सब्र आखिरकार टूट गया। चार साल से विषयवार शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर अपना कड़ा विरोध जताया।
बड़ी संख्या में छात्र खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन में कई नाबालिग छात्र भी शामिल रहे जिन्होंने बिना डरे अपनी आवाज बुलंद की।
सड़क पर उतरे जेन अल्फा के बच्चे
यह विरोध प्रदर्शन इसलिए भी खास चर्चा में है क्योंकि इसमें शामिल विद्यार्थी जेन अल्फा पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं। तकनीकी रूप से तेज इस पीढ़ी ने शिकायतों के बजाय सीधे सड़क पर आकर अपनी ताकत दिखाई।
बच्चों का साफ कहना था कि परीक्षाएं सिर पर हैं और स्कूल में मुख्य विषयों के शिक्षक तक नहीं हैं। ऐसे में उनका भविष्य गहरे संकट में है और वे सिर्फ झूठे आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।
तत्काल राहत पर उठ रहे बड़े सवाल
बच्चों के इस उग्र प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा विभाग हरकत में आया और फौरन बरहापुर व एक अन्य मिडिल स्कूल से दो शिक्षकों को अटैच कर दिया। हालांकि इस तात्कालिक व्यवस्था से बच्चों को फौरी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन स्थायी समाधान का मुद्दा जस का तस बना हुआ है।
सवाल यह है कि एक तरफ डिजिटल शिक्षा और आधुनिकता के दावे किए जा रहे हैं, वहीं धरातल पर चार साल से एक स्कूल में स्थाई शिक्षक तैनात नहीं हो पा रहे हैं।
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