एक्सिस बैंक के ग्राहकों से 2.5 करोड़ रुपए की ठगी, कर्मचारी ने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए पैसे
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक्सिस बैंक के पूर्व कर्मचारी द्वारा किए गए 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी उमेश गोरले (46) और उसकी पत्नी उषा गोरले (43) ने नवंबर 2022 से अप्रैल 2025 के बीच बैंक ग्राहकों की जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी लोन, ओवरड्राफ्ट और नेट बैंकिंग के माध्यम से बड़ी रकम गबन की।
'ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, उमेश पहले ग्राहकों के नाम पर लोन स्वीकृत कर रकम मणप्पुरम गोल्ड लोन खातों में ट्रांसफर करता था। इन खातों से पैसे निकालकर वह अपनी पत्नी और मां तारादेवी गोरले के खातों में ट्रांसफर कर देता था। जांच में सामने आया कि तारादेवी का बैंक खाता भी आरोपी के मोबाइल नंबर और ईमेल से जुड़ा था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह खाते का संचालन भी खुद करता था।
घोटाले की भनक तब लगी जब चांदमल अग्रवाल नामक ग्राहक अपनी एफडी की स्थिति जांचने बैंक पहुंचे। उन्होंने पाया कि उनके नाम पर लगभग 99 लाख रुपये का फर्जी ओवरड्राफ्ट चल रहा है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने उनसे दस्तावेज यह कहकर लिए थे कि केसीसी लोन की सीमा बढ़ानी है।
धोखाधड़ी का पूरा खेल- पूर्व कर्मचारी ने ग्राहकों की एफडी पर ओवरड्राफ्ट खाते खोले- दस्तावेज लेकर फर्जीवाड़ा कर खातों से निकाले लाखों रुपये- रकम को पत्नी और मां के खातों में ट्रांसफर किया जाता था- आरोपी ने धोखाधड़ी की रकम से कार, लैपटॉप व मोबाइल खरीदे- कुल 43 खाताधारकों की शिकायतें अब तक दर्ज हो चुकी हैं |
दोनों आरोपियों पर बीएनएस की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पुलिस अब आरोपी की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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FAQ
- आरोपी कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
उमेश गोरले और उसकी पत्नी उषा गोरले ने ग्राहकों के नाम पर फर्जी लोन लेकर 2.5 करोड़ रुपये की ठगी की। - यह घोटाला कैसे सामने आया?
चांदमल अग्रवाल नामक ग्राहक को अपनी एफडी पर लोन की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। - ठगी की रकम कहां ट्रांसफर की जाती थी?
पहले रकम मणप्पुरम गोल्ड लोन खातों में जाती थी, फिर पत्नी और मां के खातों में ट्रांसफर होती थी। - आरोपी की मां की क्या भूमिका रही?
मां तारादेवी का खाता उमेश के मोबाइल नंबर और ईमेल से लिंक था, इसलिए जांच अब उसकी ओर भी बढ़ी है।
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