बालोद में पेन खरीदने निकली 13 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप, आधी रात को बेहोश मिली बच्ची
आखिरकार 26 अक्टूबर को उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।
पेन खरीदने के लिए घर से निकली थी बच्ची
यह मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र का है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता की उम्र 13 साल है। वह गांव के सरकारी पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ती है।
14 अक्टूबर की शाम बच्ची ने घरवालों को बताया कि वह पेन खरीदने के लिए दुकान जा रही है। इसके बाद वह घर से निकल गई। शाम करीब 7 बजे का समय था। परिवार को लगा कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगी।
लेकिन रात होने के बाद भी बच्ची घर नहीं लौटी। रात करीब 8 बजे तक जब उसका कोई पता नहीं चला, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। आसपास के लोगों से भी उसके बारे में पूछताछ की गई। इसके बाद भी बच्ची का पता नहीं चल पाया।
रात 11 बजे बेहोशी की हालत में मिली
बच्ची की तलाश के बीच रात करीब 11 बजे परिवार को एक अहम जानकारी मिली। उन्हें बताया गया कि गांव के कुछ युवक बच्ची को एक परिचित के घर लेकर आए हैं। उस समय बच्ची बेहोशी की हालत में थी।
सूचना मिलते ही परिवार के लोग वहां पहुंचे। बच्ची की हालत देखकर परिजन उसे तुरंत गुंडरदेही अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज किया।
इलाज के बाद अगले दिन बच्ची को घर लाया गया। परिवार को उम्मीद थी कि वह धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। लेकिन घर लौटने के बाद बच्ची काफी डरी हुई रहने लगी। वह गुमसुम रहती थी। उसने उस समय परिवार को घटना के बारे में कुछ नहीं बताया।
12 दिन बाद मां को बताई पूरी बात
घटना के बाद बच्ची के व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा था। वह डरी-सहमी रहती थी। परिवार के लोग उससे लगातार पूछ रहे थे कि आखिर उसके साथ क्या हुआ था।
काफी समय तक बच्ची चुप रही। फिर 26 अक्टूबर को उसने अपनी मां को आपबीती बताई। बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए।
शिकायत में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, 14 अक्टूबर की शाम गांव के दो लड़के बच्ची को डराकर एक मकान में ले गए थे। बताया गया है कि वहां दोनों ने तीसरे युवक को भी बुला लिया।
आरोप है कि तीनों युवक बच्ची को मकान की पहली मंजिल पर बने एक कमरे में ले गए। इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया। आरोपियों पर बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का आरोप है।
यह पूरा मामला सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मामले में आरोपों की जांच अभी जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होगा।
मां ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
बच्ची से घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी मां ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। 27 अक्टूबर को वह परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ रनचिरई थाने पहुंचीं।
वहां उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1), 70(2), 137(2) और 127(2) के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) और 6 भी लगाई गई हैं।
पॉक्सो एक्ट का इस्तेमाल बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए किया जाता है। इस कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जाती है।
28 अक्टूबर को तीनों आरोपी हिरासत में
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। इसके बाद 28 अक्टूबर को तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों की उम्र 17 से 22 साल के बीच है। इनमें से कुछ ने दसवीं तक पढ़ाई की थी, जबकि कुछ ने आठवीं के बाद स्कूल छोड़ दिया था। हालांकि, आरोपियों की उम्र और पढ़ाई से जुड़ी इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
फिलहाल पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। घटना से जुड़े तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर होगी।