बालोद में साइबर फ्रॉड मामला: फिल्म डाउनलोड के बहाने शिक्षक के खाते से लाखों रुपए गायब हुए
बालोद। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग अब लोगों को फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। बालोद जिले में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी और किसान साइबर अपराधियों के निशाने पर आए। इन घटनाओं में ठगों ने अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों के खातों से 6 लाख रुपए से ज्यादा की रकम निकाल ली।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ठगी गई राशि वापस नहीं मिल सकी है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल माध्यमों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फिल्म डाउनलोड करने के चक्कर में शिक्षक ने गंवाए 1.34 लाख रुपए
पहला मामला बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला का है। यहां रहने वाले सहायक शिक्षक प्रकाश कुंभकार सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें फेसबुक पर एक फिल्म से जुड़ा विज्ञापन दिखाई दिया।
बताया गया कि फिल्म देखने के लिए लिंक पर क्लिक कर उसे डाउनलोड किया जा सकता है। फिल्म देखने की उत्सुकता में शिक्षक ने लिंक खोल दिया। इसके बाद उनके मोबाइल में एक एप्लीकेशन डाउनलोड होने लगी।
एप डाउनलोड होने के बाद मोबाइल में तकनीकी समस्या आने लगी और वह कुछ समय के लिए ठीक से काम नहीं कर पाया। शुरुआत में शिक्षक को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।
बाद में जब उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से करीब 1.34 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने फिल्म डाउनलोड कराने के नाम पर संदिग्ध लिंक और एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया। इसके जरिए मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाई गई।
सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों को सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक से सावधान रहने की सलाह देते हैं। ठग अक्सर लोगों की रुचि और जिज्ञासा को हथियार बनाते हैं।
फिल्म, वेब सीरीज, इनाम, नौकरी या ऑफर के नाम पर भेजे गए लिंक के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। इसके बाद मोबाइल में संदिग्ध एप इंस्टॉल करवाकर निजी जानकारी चोरी करने की कोशिश की जाती है।
परिचित बनकर रिटायर्ड अधिकारी से ठगे 2.66 लाख
बालोद जिले में साइबर ठगी का दूसरा मामला भरोसे का फायदा उठाकर किया गया। एक रिटायर्ड अधिकारी को आरोपी ने परिचित बनकर फोन किया।
बातचीत के दौरान आरोपी ने ऐसा विश्वास बनाया कि अधिकारी उसकी बातों में आ गए। इसके बाद आरोपी के कहने पर उन्होंने रकम ट्रांसफर कर दी।
कुछ समय बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में करीब 2.66 लाख रुपए की ठगी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
किसान भी हुआ साइबर ठगी का शिकार
जिले में तीसरा मामला एक किसान से जुड़ा है। साइबर ठगों ने किसान को अपने जाल में फंसाकर उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली।
इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अब आम लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बना रहे हैं।
तीन घटनाओं में अलग-अलग तरीके, लेकिन निशाना आम लोग
बालोद में सामने आए तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग रहा। शिक्षक को ऑनलाइन लिंक के जरिए निशाना बनाया गया, रिटायर्ड अधिकारी से पहचान का फायदा उठाया गया और किसान को भी साइबर जाल में फंसाया गया।
इन घटनाओं से साफ है कि साइबर अपराधी लोगों की कमजोरियों और भरोसे का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
तीनों मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें और फोन पर किसी के कहने मात्र से पैसे ट्रांसफर न करें। बालोद में सामने आए ये मामले एक बार फिर बताते हैं कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।