बलौदा बाजार की घटना पर सीएम ने अफसरों से पूछा, इतना बड़ा इंटेलीजेंस फेलुअर कैसे हुआ

Jitendra Shrivastava | Jun 11, 2024, 20:06 IST
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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में सतनामी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान सोमवार को उपद्रवियों ने 75 बाइक, 20 कार और 2 दमकल वाहन को आग के हवाले कर दिए गए। लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने 150 लोगों को हिरासत में लिया है...

RAIPUR : बलौदाबाजार की घटना को लेकर सरकार बहुत गंभीर है। इस घटना में इंटेलीजेंस फेलुअर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को बैठक बुलाई। इस बैठक में इसमें गृह मंत्री विजय शर्मा समेत पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई आप लोगों तक जानकारी कैसे नहीं पहुंची। क्यों बैकअप नहीं रखा गया। सीएम ने कहा कि इंटेलीजेंस फेलुअर कैसे हो गया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री साय ने उपद्रवियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए हैं। मौके पर आईजी और कमिश्नर को भेजकर रिपोर्ट तलब की गई है। इससे पहले सीएम ने इस मामले में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और मुख्य सचिव व डीजीपी को तलब किया। अब इस मामले में अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। जिले में हुई हिंसा को लेकर सीएम विष्णुदेव साय काफी नाराज हैं।



अब तक 150 लोग हिरासत में


मामले में अब तक पुलिस ने 150 लोगों को हिरासत में लिया है। बलौदाबाजार में सतनामी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान सोमवार को उपद्रवियों ने 75 बाइक, 20 कार और 2 दमकल वाहन को आग के हवाले कर दिए गए। लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट में आगजनी की। इससे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। उपद्रवियों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित ध्वजारोहण के पोल पर सफेद रंग का ध्वज लगा दिया था। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इसमें पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोग भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा सोमवार देर रात घटनास्थल पहुंचकर मौके का जायजा लिया।



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साजिश के तहत हुआ कांड


प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और आगजनी को भीड़ का आक्रोश बताया जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिंक टीम की जांच में घटनास्थल के आसपास पेट्रोल बम मिले हैं, जो ये बताते हैं कि प्लानिंग के तहत हिंसा की गई थी। आगजनी के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने 6 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फॉरेंसिक टीम को बोतलों में भरे पेट्रोल के अलावा कुछ लिक्विड भी मिले हैं। इन्हें जब्त कर सैंपल के लिए फॉरेंसिक टीम साथ ले गई है।घटना के पीछे प्रशासन का इंटेलीजेंस फेलियर भी है। भीम रेजिमेंट और कुछ अन्य संगठन के भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर चलते रहे, लेकिन इंटेलीजेंस डिपार्टमेंट इससे बेखबर रहा। सरकार की ओर से गृह मंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि 6 जून को समाज के लोगों के साथ बैठक हो चुकी थी। उनकी मांग मान ली गई थी। समाज ने कह दिया था हम कोई आंदोलन नहीं करेंगे। भीम रेजिमेंट नाम का संगठन बलौदा बाजार में 10 जून को भीड़ जुटाने के लिए युवाओं को उकसा रहा था। आंदोलन में असमाजिक तत्व शामिल थे।



विधायक के भतीजे के साथ मारपीट


बलौदाबाजार में हुए उपद्रव और हिंसा के दौरान बीजेपी विधायक मोतीलाल साहू के भतीजे और अन्य लोगों से मारपीट की गई। आरोप है कि पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों ने इनको रोक लिया और कार से नीचे उतारकर बुरी तरह से पीटा। इसके बाद गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि, उनके परिवार के बच्चे अपने कुछ सहकर्मियों के साथ बलौदाबाजार गए थे। वो अपनी कार से यह पूछते हुए आगे बढ़ रहा था कि विरोध थम गया या नहीं। जब जानकारी मिली कि सब कुछ शांत हो चुका है। वो आगे बढ़ते जा रहे थे, तभी उन पर रास्ते में हमला कर दिया गया।



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