बस्तर में भारी बारिश से इंद्रावती नदी उफान पर, 50 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, 833 लोगों का रेस्क्यू

Harrison Masih | Sept 29, 2026, 10:43 IST
बस्तर में बाढ़
बस्तर में हो रही तेज बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है, जो पिछले 50 वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर 12.39 मीटर पर पहुंच चुका है। केंद्रीय जल आयोग ने प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 65 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

Jagdalpur. बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। नदी का पानी 12.39 मीटर तक पहुंच गया, जो पिछले 50 साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 9 जुलाई 1973 को 12.18 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। इस तरह पुराना रिकॉर्ड 21 सेंटीमीटर टूट गया।



आज फिर बढ़ सकता है नदी का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग की एडवाइजरी के बाद प्रशासन ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, 29 सितंबर की सुबह जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से एक मीटर तक और बढ़ सकता है। इंद्रावती नदी का खतरे का स्तर 8.3 मीटर है। मौजूदा जलस्तर इससे काफी ऊपर पहुंच चुका है।




कई गांवों में पानी भरा, सड़क संपर्क टूटा

नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बोड़ना और भेजापदर जैसे गांव पानी से घिर गए हैं। कई जगहों पर सड़क संपर्क भी टूट गया है।



जगदलपुर शहर के कुछ निचले इलाकों में भी पानी घुस गया। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया।



ओडिशा से आ रही पानी की आवक से बढ़ी चिंता

केंद्रीय जल आयोग, हैदराबाद की एडवाइजरी के अनुसार, ओडिशा के नवरंगपुर क्षेत्र में इंद्रावती नदी के ऊपरी हिस्से में पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर जगदलपुर तक पहुंचने की संभावना है।इसी को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।




833 लोगों का रेस्क्यू

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एक दिन में 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।



821 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया।



65 राहत शिविरों में 8,894 लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें कुल 8,894 लोग रह रहे हैं।



शहरी क्षेत्र के 8 राहत शिविरों में 2,620 लोग, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 57 शिविरों में 6,274 लोगों को रखा गया है। प्रशासन के अनुसार राहत शिविरों में लोगों के लिए भोजन, साफ पानी, दवाइयां और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है।



प्रशासन ने लोगों से की सुरक्षित रहने की अपील

प्रशासन ने इंद्रावती नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जोखिम न लें। जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत शिविर या किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।



अधिकारियों और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कक्ष या संबंधित राजस्व अधिकारी को सूचना देने की अपील की गई है।



  1. इंद्रावती नदी में बाढ़ आने की मुख्य वजह क्या है?
    बस्तर में भारी बारिश के साथ ऊपरी हिस्सों से पानी की आवक बढ़ने और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
  2. बस्तर में कितने राहत शिविर बनाए गए हैं?
    बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
  3. क्या इंद्रावती नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है?
    हां। केंद्रीय जल आयोग की एडवाइजरी के अनुसार 29 सितंबर को जगदलपुर में जलस्तर 60 सेंटीमीटर से 1 मीटर तक बढ़ने की आशंका है।
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