बस्तर तेंदूपत्ता गोदाम आगजनी : बीजापुर के बाद सरगीपाल में करोड़ों का नुकसान
NEWS IN SHORT
बीजापुर के बाद बस्तर के सरगीपाल तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग।
सरगीपाल गोदाम में सुकमा जिले का एक हजार बोरा स्टॉक खाक।
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी गई।
बीजापुर के निजी गोदाम में आग से दस करोड़ का नुकसान।
लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, बीजापुर DFO तत्काल हटाए गए।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में तेंदूपत्ता गोदामों में आग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीजापुर में हुए भारी नुकसान के बाद अब बस्तर जिले के सरगीपाल स्थित सरकारी तेंदूपत्ता गोदाम से भी आगजनी की बड़ी घटना सामने आई है। इन लगातार हादसों और करोड़ों रुपए के नुकसान को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
सुकमा का स्टॉक जलकर राख
ताजा मामला बस्तर जिले के सरगीपाल स्थित सरकारी गोदाम का है, जहाँ बुधवार शाम अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और दमकल की टीमें मौके पर पहुँचीन और भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
नुकसान का आकलन
इस आगजनी में करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया है। बताया जा रहा है कि यह सुकमा जिले का सालभर पुराना स्टॉक था, जिसे यहाँ सुरक्षित रखने के लिए लाया गया था। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है, हालांकि वन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
बीजापुर: भीषण आग में 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
इससे पहले सोमवार को बीजापुर जिले के एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में आग लगी थी, जिसने विकराल रूप धारण कर लिया था। इस हादसे में लगभग 18 हजार बोरे तेंदूपत्ता पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी से सरकार और व्यापारियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
सरकार की बड़ी कार्रवाई
लगातार हो रही इन लापरवाही और आगजनी की घटनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ शासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। बीजापुर मामले के तुरंत बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में लापरवाही बरतने के आरोप में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए। बीजापुर के DFO रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।
उनके स्थान पर सागर जाधव को बीजापुर का नया DFO नियुक्त किया गया है। मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।बस्तर संभाग में एक के बाद एक दो बड़े गोदामों में लगी इस आग ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और फायर फाइटिंग इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में विभाग दोनों ही मामलों में हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन करने और आग के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।
निष्कर्ष
बस्तर संभाग के तेंदूपत्ता गोदामों में लगातार हो रही आगजनी की घटनाएं वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती हैं। करोड़ों रुपए के नुकसान और 'हरे सोने' की बर्बादी को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक फेरबदल काफी नहीं है, बल्कि गोदामों में पुख्ता फायर फाइटिंग इंतजाम और नियमित सुरक्षा ऑडिट बेहद जरूरी हैं।
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