18 अगस्त को हेल्थ ऑफिसर का प्रदर्शन: बेमेतरा में कलेक्टर का करेंगे घेराव
बेमेतरा में स्वास्थ्य विभाग का मामला अब सड़क पर उतरने वाला है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने 18 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय घेरने का ऐलान किया है। संघ का आरोप है कि CMHO के खिलाफ गंभीर शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की। इनमें महिला कर्मचारियों की गरिमा, कार्यस्थल का माहौल, CHO यानी कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर से कथित भेदभाव, वेतन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन जैसे मुद्दे शामिल हैं। कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है।
महिला कर्मचारियों के गंभीर आरोप
शिकायतों में समीक्षा बैठकों के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों, अभद्र भाषा, लेजर लाइट डालकर असहज करने और बिना अनुमति स्पर्श या अनुचित तरीके से पास बुलाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। संघ ने साफ कहा कि ये आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं। इनकी सच्चाई निष्पक्ष जांच से ही सामने आनी चाहिए।
POSH के तहत जांच की मांग
संघ चाहता है कि महिला कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतों की जांच सक्षम समिति से हो। साथ ही जांच निष्पक्ष रहे, इसके लिए CMHO को मौजूदा पद से हटाकर दूसरी जगह पदस्थ करने या वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था की मांग की गई है।
CHO को निशाना बनाने का आरोप
संघ के मुताबिक CHO की योग्यता और पद का कथित तौर पर सार्वजनिक मजाक उड़ाने और दूसरे संवर्गों से अपमानजनक तुलना करने की शिकायतें भी हैं। बैठकों में केवल CHO को कमियों के लिए जिम्मेदार ठहराने के आरोप हैं। CR/APAR खराब करने, FIR और नौकरी खत्म कराने की धमकी के आरोप भी शिकायतों में बताए गए हैं।
TOR से बाहर काम का दबाव
संघ का आरोप है कि NHM के निर्धारित TOR के बावजूद CHO से दूसरे संवर्गों के काम भी लिए जा रहे हैं। संस्थागत प्रसव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, हेल्थ मेला, सर्वे और दूसरी गतिविधियों का अतिरिक्त दबाव बताया गया है। संघ की मांग है कि हर कर्मचारी से उसके तय दायित्व के मुताबिक ही काम लिया जाए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रभावित
मामला सिर्फ कर्मचारियों का नहीं है। संघ का कहना है कि एकल पदस्थ CHO को बैठक या फील्ड ड्यूटी में भेजने से आयुष्मान आरोग्य मंदिर खाली हो जाता है। इससे OPD, दवा वितरण, NCD स्क्रीनिंग, परामर्श और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा है। वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था की मांग की गई है।
वेतन रोकने का भी आरोप
मुख्यालय में रहने को लेकर कथित मौखिक दबाव, सेवा खत्म करने की धमकी और कुछ कर्मचारियों का वेतन रोकने की शिकायत भी संघ ने उठाई है। मांग है कि बिना विधिसम्मत प्रक्रिया रोका गया वेतन जांच के बाद तत्काल जारी किया जाए।
9 मांगों पर अड़ा संघ
संघ की प्रमुख मांगें हैं—
CMHO के खिलाफ स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच।
जांच तक CMHO को पद से हटाना या प्रशासनिक व्यवस्था बदलना।
महिला शिकायतों की POSH Act के तहत जांच।
रोका गया वेतन जारी करना।
CHO से सिर्फ निर्धारित TOR के अनुसार काम लेना।
दो हफ्ते की मोहलत
संघ ने प्रशासन को 2 सप्ताह का समय दिया था। इस दौरान CMHO पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद काम बंद-कलम बंद, धरना और चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही गई है।
टकराव नहीं, न्याय की मांग
संघ का कहना है कि उसका मकसद किसी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं है। मांग सिर्फ इतनी है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। आरोप सही हों तो कार्रवाई हो और गलत हों तो संबंधित अधिकारी को भी क्लीन चिट मिले। 18 अगस्त का आंदोलन इसी मांग को लेकर होगा।
FAQ
- बेमेतरा में CHO का प्रदर्शन कब होगा?
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ 18 अगस्त को प्रदर्शन करेगा। - CHO संघ कलेक्टर कार्यालय का घेराव क्यों करेगा?
संघ CMHO पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच चाहता है। - CHO संघ की मुख्य मांगें क्या हैं?
CMHO की जांच, POSH के तहत कार्रवाई और रुका वेतन जारी करना प्रमुख मांगें हैं।
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