कलेक्टर-SP पर भड़के रमन सिंह, बोले- ऐसी अव्यवस्था कभी नहीं देखी

VINAY VERMA | Jun 01, 2026, 09:30 IST
bemetara-kanya-vivah-event-raman-singh-angry
बेमेतरा में आयोजित कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह नाराज हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूरा मंत्रिमंडल मौजूद थे, डॉ. रमन ने कलेक्टर-SP को सबके सामने जमकर फटकार लगा दी।

News in Short

  • बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का आयोजन
  • CM विष्णुदेव साय सहित पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था
  • रमन सिंह ने कलेक्टर-एसपी को फटकारा
  • वायरल वीडियो से राजनीतिक चर्चा

News in Detail:

बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में उस समय असहज स्थिति बन गई जब विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराज हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में उन्होंने कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई और एसपी रामकृष्ण साहू को कार्यक्रम की अव्यवस्थाओं के लिए फटकार लगाई। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की गरिमा के अनुरूप आयोजन नहीं किया गया।



स्वागत व्यवस्था पर उठाए सवाल:

डॉ. रमन ने मंच से ही प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जिला प्रशासन का रवैया उचित नहीं था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्वागत तक व्यवस्थित तरीके से नहीं किया गया। इतना ही नहीं, मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्यों के स्वागत और प्रोटोकॉल में भी लापरवाही दिखाई दी। इससे पूरे कार्यक्रम की गंभीरता प्रभावित हुई।





मंत्रियों के लिए कुर्सियां तक नहीं:

बारिश के कारण सामूहिक विवाह के बाद होने वाले आशीर्वाद समारोह को सभागार में स्थानांतरित किया गया, लेकिन यहां भी प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुल गई। स्थिति ऐसी थी कि मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था तक नहीं थी। कई मंत्रियों के लिए कुर्सियां उपलब्ध नहीं थीं, जबकि जिला प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।



ढाई घंटे तक नहीं बन पाई व्यवस्था:

अव्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभागार में बैठने और कार्यक्रम संचालन की व्यवस्था दुरुस्त करने में प्रशासन को करीब ढाई घंटे का समय लग गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को इंतजार करना पड़ा। कार्यक्रम की गति प्रभावित हुई और आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े होने लगे।



CM का पीछे से स्वागत, भड़के रमन सिंह:

विवाद उस समय और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री के सभागार पहुंचने पर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई और एसपी रामकृष्ण साहू ने सामने की बजाय पीछे की ओर जाकर उनका स्वागत किया। प्रोटोकॉल और गरिमा के लिहाज से इसे गंभीर चूक माना गया। यह दृश्य देखकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह नाराज हो गए और उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।



प्रोटोकॉल की अनदेखी पर उठे सवाल:

सूत्रों के मुताबिक, केवल मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के स्वागत और बैठने की व्यवस्था में भी गंभीर कमियां रहीं। जिस कार्यक्रम में राज्य सरकार का शीर्ष नेतृत्व मौजूद हो, वहां इस तरह की अव्यवस्था को प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह रही कि कार्यक्रम के दौरान ही विधानसभा अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से नाराजगी जतानी पड़ी।



खाली कुर्सियों ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल:

सामूहिक विवाह समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली दिखाई दीं। इससे आयोजन की तैयारियों और जनसंपर्क व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भी खाली कुर्सियां और बिखरी व्यवस्थाएं दिखाई दे रही हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।



विधायक की शादी में पहुंचा था पूरा मंत्रीमंडल:

यह आयोजन इसलिए भी खास था क्योंकि बेमेतरा विधायक दीपेश साहू भी इसी सामूहिक विवाह समारोह में विवाह बंधन में बंध रहे थे। उन्हें आशीर्वाद देने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत लगभग पूरा मंत्रिमंडल कार्यक्रम में मौजूद था। इतने बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक आयोजन में हुई गड़बड़ियों ने सरकार और प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।



मैं ऐसे मामलों में नहीं बोलता, लेकिन...

रमन सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे सामान्यतः इस तरह के मामलों में सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करते। लेकिन कार्यक्रम में जिस स्तर की अव्यवस्था दिखाई दी, उसके कारण उन्हें बोलना पड़ा। उन्होंने कहा कि शायद उनके बोलने के बाद जिला प्रशासन इससे सबक लेगा। उनके अनुसार पूरे आयोजन में सकारात्मक माहौल बनने के बजाय नकारात्मकता का वातावरण दिखाई दे रहा था।



वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा:

कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। आयोजन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें प्रशासनिक तैयारियों की कमी और भीड़ प्रबंधन की खामियां साफ नजर आ रही हैं। अब यह मामला केवल स्थानीय चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।



FAQ

  1. रमन सिंह कलेक्टर और एसपी पर क्यों भड़के?
    बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के कार्यक्रम के दौरान स्वागत, बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल में कथित लापरवाही को लेकर डॉ. रमन सिंह नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं, जिसके चलते उन्होंने कलेक्टर और एसपी को फटकार लगाई।
  2. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना क्या है?
    यह राज्य सरकार की योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन और सहायता प्रदान की जाती है।

घर की बिजली कटने पर भड़के जज, स्टेशन पहुंच कर बंद कर दी पूरे कस्बे की आपूर्ति



मंडला एसपी को हाईकोर्ट ने फटकारा, कहा- पुलिस बिना पढ़े, आंखें बंदकर तैयार करती है रिपोर्ट



सिंधिया ने फटकारा, दिग्विजय ने मांगी माफी! अफसरशाही से डील करने के कैसे-कैसे तरीके ?



बस्तर हुआ नक्सल मुक्त; डॉ. रमन सिंह ने किया ऐतिहासिक बदलाव का दावा



Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • रमन सिंह
  • डॉ. रमन सिंह
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
  • बेमेतरा
  • सामूहिक विवाह समारोह