नशीली दवा पिलाकर डिलीवरी : महिला को आया होश तो गायब मिला नवजात, बेमेतरा पुलिस भी हैरान
इसके बाद महिला बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो नवजात वहां नहीं था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष जांच टीमें बनाई हैं। पुलिस आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध महिलाएं कौन थीं और नवजात को लेकर कहां गईं।
घर में अकेली थी महिला
पीड़िता की सास मूरतिया बाई ने पुलिस को बताया कि घटना 3 अक्टूबर की दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच हुई। उस समय उनकी बहू घर में अकेली थी। उसका पति मवेशी चराने बाहर गया हुआ था। परिवार के अन्य सदस्य एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने दूसरे गांव गए थे।
इसी दौरान महिला के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। परिजनों के मुताबिक दर्द के कारण वह कराह रही थी। तभी लाल कपड़े पहने एक महिला घर के पास पहुंची। उसने मदद करने की बात कही। इसके बाद उसने एक दूसरी महिला को भी बुला लिया।
गिलास में कुछ घोलकर पिलाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि दोनों महिलाओं ने पीड़िता को पेट दर्द कम करने और प्रसव में मदद करने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने एक गिलास में कुछ घोलकर महिला को पिलाया।
परिजनों का कहना है कि संदिग्ध पेय पीने के बाद महिला बेहोश हो गई। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी महिला को नहीं है। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान प्रसव कराया गया और नवजात को दोनों महिलाएं अपने साथ ले गईं।
हालांकि महिला को वास्तव में क्या पिलाया गया था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और मेडिकल जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि उसे कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं।
होश आया तो बच्चा गायब था
कुछ समय बाद महिला को होश आया। उसने देखा कि नवजात उसके पास नहीं है। उसके कपड़ों पर खून के निशान भी थे। जब परिवार के सदस्य घर लौटे तो महिला की हालत देखकर घबरा गए।
परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। वहां उसकी मेडिकल जांच और सोनोग्राफी कराई गई। इसके बाद मामले की सूचना संबलपुर पुलिस चौकी को दी गई।पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू की। घटना से जुड़े संभावित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस तलाश रही संदिग्ध महिलाओं का सुराग
एसडीओपी भूषण एक्का के मुताबिक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
आसपास के गांवों में यह पता लगाया जा रहा है कि घटना वाले दिन किसी ने दो अनजान महिलाओं को आते-जाते देखा था या नहीं। संभावित रास्तों की भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस संदिग्ध महिलाओं के हुलिए को लेकर भी जानकारी जुटा रही है। परिवार ने लाल कपड़े पहने एक महिला के बारे में बताया है। इसी आधार पर भी सुराग तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों महिलाएं कौन थीं। उन्हें यह कैसे पता चला कि प्रसूता घर में अकेली है। यह भी जांच का विषय है कि क्या वे पहले से महिला या उसके परिवार को जानती थीं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना पहले से तय साजिश थी या महिला को अकेला देखकर मौके का फायदा उठाया गया। नवजात को ले जाने के पीछे क्या मकसद था, इसका जवाब भी अभी नहीं मिला है।
तीन टीमों को सौंपी गई जांच
बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल ने मामले की जांच के लिए तीन टीमें बनाई हैं। पुलिस की प्राथमिकता नवजात को जल्द तलाशने की है। जांच टीमें स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही हैं। आसपास के इलाकों में संदिग्ध महिलाओं की तलाश भी की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्षेत्र में पहले ऐसी कोई घटना हुई है या नहीं।
मामले में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि महिला का प्रसव कब हुआ और उसे किसी तरह की दवा दी गई थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार के आरोपों के साथ सभी संभावित एंगल की जांच की जा रही है। नवजात की तलाश जारी है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।