Bhilai Success Story : 3 युवाओं ने चावल के प्रोडक्ट्स से रचा नया इतिहास
समझें क्या है पूरा मामला
- तीन दोस्तों ने चावल से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
- 9 लाख से 3.5 करोड़ तक पहुंचा भिलाई के युवाओं का स्टार्टअप
- धान के कटोरे से निकली बिजनेस की नई कहानी
- दोस्ती, मेहनत और आइडिया से बदली तीन युवाओं की किस्मत
- चावल के प्रोडक्ट ने दिलाई देश-विदेश में पहचान
Bhilai। भिलाई के तीन दोस्तों ने साबित कर दिया कि अगर सोच नई हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो छोटे आइडिया को भी बड़ा मुकाम मिल सकता है। बचपन की दोस्ती और एक-दूसरे पर भरोसे के दम पर तीन युवाओं ने चावल से जुड़े वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया, जो अब देश के साथ विदेशों तक पहचान बना चुका है।
साल 2022 में शुरू हुआ यह सफर आज करोड़ों रुपए के कारोबार में बदल चुका है। जीवी हिमांशु, उत्कर्ष और श्रेया ने मिलकर प्रीमियम ग्रॉसरी ब्रांड की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य सिर्फ चावल बेचने तक सीमित नहीं था, बल्कि धान के कटोरे के रूप में पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ के चावल से नए उत्पाद तैयार करना था।
चावल से बनाए अलग-अलग प्रोडक्ट
हिमांशु और उनकी टीम ने राइस बेस्ड प्रोडक्ट्स पर काम शुरू किया। कंपनी अब चावल से राइस नूडल्स, राइस वर्मिसेली और राइस पेपर शीट जैसे उत्पाद तैयार कर रही है। इनकी मांग देश के कई शहरों के साथ ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और दुबई जैसे देशों में भी पहुंच चुकी है।
शुरुआत में टीम ने विदेशों में बनने वाले राइस प्रोडक्ट्स का अध्ययन किया। उन्होंने वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों के बाजार को समझा। इसके बाद करीब दो साल तक उन्होंने उत्पादों की ट्रेडिंग की और बाजार की जरूरतों को जाना। जब भरोसा बढ़ा तो खुद का प्रोडक्शन प्लांट शुरू किया।
तीन दोस्तों ने बांट रखी है अपनी जिम्मेदारी
इस स्टार्टअप की खास बात यह है कि तीनों दोस्तों ने कंपनी में अपनी-अपनी जिम्मेदारियां तय कर रखी हैं। उत्कर्ष प्रोडक्शन का काम संभालते हैं। वहीं हिमांशु बिक्री, वित्त और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी देखते हैं। श्रेया कंपनी की ऑनलाइन मार्केटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म संभालती हैं।
किसी भी बड़े फैसले से पहले तीनों आपस में चर्चा करते हैं। इसके बाद जिस क्षेत्र की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति के पास है, अंतिम निर्णय वही लेता है। दोस्तों के बीच यही भरोसा कंपनी के विकास की बड़ी वजह बना है।
9 लाख से शुरू हुआ कारोबार अब करोड़ों में
कंपनी की शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी। पहले साल सिर्फ चार महीने के संचालन में करीब 9 लाख रुपए का टर्नओवर हासिल हुआ। इसके बाद कारोबार तेजी से बढ़ा।
अगले चरण में कंपनी का टर्नओवर 60 लाख रुपए तक पहुंचा। इसके बाद यह डेढ़ करोड़ रुपए तक गया और अब करीब 3.5 करोड़ रुपए का कारोबार कर रही है।
कंपनी के उत्पाद अब अमेजन, फ्लिपकार्ट, ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा बड़े शहरों के बाजार और एक्सपोर्ट मार्केट पर भी कंपनी का फोकस है।
महिलाओं को मिल रहा रोजगार का मौका
इस स्टार्टअप ने सिर्फ कारोबार ही नहीं बढ़ाया बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। कंपनी में करीब 40 से 50 लोग काम कर रहे हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। ज्यादातर कर्मचारी फैक्ट्री के आसपास के गांवों से जुड़े हुए हैं।
तीनों दोस्तों का मानना है कि स्थानीय संसाधनों और सही सोच के साथ काम किया जाए तो किसी भी क्षेत्र से बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है। भिलाई के इन युवाओं की कहानी बताती है कि दोस्ती अगर भरोसे और मेहनत के साथ जुड़ जाए तो वह सफलता की मजबूत नींव बन सकती है।
FAQ
- भिलाई के तीन दोस्तों ने कौन सा स्टार्टअप शुरू किया है?
भिलाई के तीन दोस्तों ने चावल से बने वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का स्टार्टअप शुरू किया है। कंपनी राइस नूडल्स, राइस वर्मिसेली और राइस पेपर शीट जैसे उत्पाद तैयार करती है। - इस स्टार्टअप की शुरुआत कितने रुपए से हुई थी?
इस स्टार्टअप की शुरुआत साल 2022 में करीब 9 लाख रुपए के निवेश से हुई थी। अब कंपनी का कारोबार बढ़कर करीब 3.5 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। - भिलाई के इस स्टार्टअप के उत्पाद कहां तक पहुंच रहे हैं?
कंपनी के उत्पाद भारत के कई शहरों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और दुबई जैसे देशों तक पहुंच रहे हैं। इनके उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।
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