रायपुर सेंट्रल जेल में रामगोपाल अग्रवाल से मिले भूपेश बघेल, बोले- गलत तरीके से बंद रखा गया है

Harrison Masih | Nov 06, 2026, 13:44 IST
सेंट्रल जेल पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से की मुलाकात
Former CM Bhupesh Baghel meets Congress leader Ramgopal Agrawal in Raipur Central Jail amid the Chhattisgarh liquor scam investigation
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में जेल में बंद कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। जेल से बाहर आने के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं। उन्हें गलत तरीके से जेल में बंद करके रखा गया है।

वहीं, शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामगोपाल अग्रवाल पर करोड़ों रूपए के लेनदेन में भूमिका होने का आरोप लगाया है।



जेल में 10 मिनट तक हुई मुलाकात

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे थे। यहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई।



मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा कि वे रामगोपाल अग्रवाल से मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि रामगोपाल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं और उन्हें गलत तरीके से जेल में रखा गया है।



वकील बोले- 6 मामले दर्ज, दो में मिली जमानत

रामगोपाल अग्रवाल के बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के मुताबिक, उनके खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हैं। इनमें से दो मामलों में जमानत मिल चुकी है। बाकी चार मामले अभी लंबित हैं। इन मामलों में भी जमानत मिलने के बाद ही उनकी रिहाई संभव होगी।



रिजवी का दावा है कि किसी भी FIR में रामगोपाल का नाम नहीं है। उन्हें पहले से अपराधी एक आरोपी के बयान के आधार पर फंसाया गया है। वकील ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस का कोषाध्यक्ष होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।



हाईकोर्ट से एक मामले में मिली जमानत

रामगोपाल अग्रवाल को 5 नवंबर 2026 को बिलासपुर हाईकोर्ट से ACB के शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में जमानत मिली थी। हालांकि, अन्य मामलों में राहत नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।



ED का दावा- राजीव भवन पहुंचाए गए 880 करोड़ रूपए

शराब घोटाले की जांच के दौरान ED ने दावा किया था कि शराब सिंडिकेट से जुटाए गए करीब 860 से 880 करोड़ रूपएरायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचाए गए थे।



एजेंसी के मुताबिक, यह रकम रामगोपाल अग्रवाल की निगरानी में कार्यालय तक पहुंचाई गई थी। इस मामले में ED ने उनकी दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनकी कीमत करीब 9.06 करोड़ रूपए बताई गई है।



ED ने 8 अक्टूबर को संपत्तियां अटैच करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद 9 अक्टूबर को रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में उनके खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की गई।



अकाउंटेंट को सौंपा जाता था कैश

ED की जांच के मुताबिक, शराब सिंडिकेट से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल संभालता था।



एजेंसी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर यह पैसा राजीव भवन पहुंचाया जाता था। वहां उनके साथ काम करने वाले अकाउंटेंट देवेंद्र डढ़सेना को कैश सौंपे जाने का दावा किया गया है।



ED के अनुसार, करीब 72 करोड़ रूपए रामगोपाल अग्रवाल के नियंत्रण में थे। इस रकम को उनके निर्देश पर रखने, इस्तेमाल करने या बांटने का आरोप है।



जांच एजेंसी ने अपने दावों के समर्थन में डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का हवाला दिया है।



क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED और ACB कर रहे हैं। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई थी। इसमें 2 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा के कथित घोटाले का जिक्र है।



जांच एजेंसी के मुताबिक, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में एक सिंडिकेट के जरिए कथित तौर पर शराब कारोबार में गड़बड़ी की गई थी।



इस सिंडिकेट में तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन MD अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है।



ED का आरोप है कि शराब कारोबार से अवैध कमाई की गई और रकम को अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया गया। फिलहाल मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। रामगोपाल अग्रवाल को एक मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन अन्य मामलों के कारण वे अभी जेल में हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है

शराब घोटाले में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पर ED के आरोप और उनकी जमानत व हिरासत का मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम है। इसमें राजनीतिक दल के कार्यालय तक कथित रकम पहुंचने का दावा है, इसलिए जांच की दिशा और अदालत का फैसला जनता के सामने पारदर्शी रूप से आना जरूरी है।



FAQs



  1. रामगोपाल अग्रवाल कौन हैं?
    रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं।
  2. भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल से जेल में मिलने का क्या कारण बताया?
    भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मिलने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उन्हें गलत तरीके से जेल में रखा गया है।
  3. रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं?
    रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 2 मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, जबकि अन्य 4 मामले अभी लंबित हैं।
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