बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार ; हाईकोर्ट में राज्य सरकार का जवाब, निजी एयरलाइंस को सब्सिडी देने से किया इनकार

Aishwarya Dwivedi | Apr 21, 2026, 16:14 IST
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बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार ने ₹100 करोड़ खर्च करने की जानकारी दी और निजी एयरलाइंस को सब्सिडी देने से इनकार किया, अगली सुनवाई जुलाई में।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार को बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार और हवाई सुविधाओं में वृद्धि को लेकर चल रही जनहित याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से मामले पर जवाब तलब किया। इस दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल निजी एयरलाइंस कंपनियों को ओपन टेंडर के माध्यम से आमंत्रित करने या उन्हें सब्सिडी देने के पक्ष में नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी।



सरकार का पक्ष

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने शपथ पत्र प्रस्तुत किया। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि एयरपोर्ट के विकास कार्यों के लिए अब तक 100 करोड़ का निवेश किया जा चुका है। इन कार्यों में रनवे की कारपेटिंग, बाउंड्री वॉल का निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास शामिल हैं, जिनकी स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।



इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में वह केवल सरकारी विमानन कंपनी 'एलायंस एयर' को ही सब्सिडी प्रदान कर रही है। सरकार ने यह भी कहा कि निजी एयरलाइंस कंपनियां अपनी मर्जी से उड़ानें शुरू कर सकती हैं, लेकिन उन्हें कोई वित्तीय सहायता या सब्सिडी नहीं दी जाएगी।



केंद्र की तरह हो ओपन टेंडर

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए और तर्क दिया कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ओपन टेंडर के माध्यम से निजी एयरलाइंस को आमंत्रित करती है, उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार को भी कदम उठाना चाहिए।



उनका कहना था कि केवल सरकारी कंपनी पर निर्भर रहने से बिलासपुर को बेहतर कनेक्टिविटी नहीं मिल पाएगी। इसके साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार को अपनी नीति में बदलाव करना चाहिए ताकि अन्य एयरलाइंस कंपनियां भी यहां अपनी सेवाएं शुरू कर सकें और नागरिकों को अधिक विकल्प मिल सकें।



कोर्ट का रुख और आगामी समय सीमा

सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को ध्यान में रखते हुए कार्यों की प्रगति को लेकर अगस्त तक का समय देने का आग्रह स्वीकार कर लिया। अदालत ने सरकार से कहा कि अगली सुनवाई से पहले वह एयरपोर्ट पर हुए विकास कार्यों की नवीनतम स्थिति का विवरण देने वाला एक नया शपथ पत्र दाखिल करें।



कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर राज्य सरकार की निगरानी लगातार जारी रहेगी और सरकार को इस मामले में प्रगति दिखाने का निर्देश दिया है।



जनहित के लिए महत्वपूर्ण विकास

यह सुनवाई बिलासपुर के निवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि एयरपोर्ट के विस्तार से न केवल पर्यटन बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी न्यायधानी को फायदा होगा। इससे क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



अब सबकी निगाहें जुलाई के अंत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां सरकार को अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस समयसीमा के भीतर एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाने का लक्ष्य रखा गया है।



निष्कर्ष

बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास और हवाई सुविधाओं के विस्तार पर कोर्ट की निगरानी जारी है। राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ के निवेश और सरकारी विमानन कंपनी को प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद, याचिकाकर्ताओं ने निजी एयरलाइंस कंपनी को भी ओपन टेंडर के जरिए आमंत्रित करने की मांग की है। जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई इस मामले में आगे का रुख तय करेगी।



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