छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : 5000 स्कूलों में नहीं हैं छात्राओं के लिए शौचालय, कोर्ट ने कहा- यह बेहद शर्मनाक
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्कूलों में लड़कियों के शौचालयों की कमी पर चिंता जताई हैं
- 5000 से ज्यादा स्कूलों में लड़कियों के लिए नहीं हैं शौचालय
- शौचालयों की खराब स्थिति को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया हैं
- बिलासपुर जिले के 160 स्कूलों में शौचालयों से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं
- हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की हैं और सुधार के लिए 7 दिन का समय दिया हैं
NEWS IN DETAIL
Bilaspur। बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के 5000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय न होने पर चिंता जताई है। कोर्ट ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद इस समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ है। डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को शपथ पत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
शौचालयों की खराब स्थिति
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि राज्य के 5000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं हैं
जबकि 8000 से अधिक स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। इस स्थिति के कारण छात्रों और शिक्षकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और इंफेक्शन संक्रमण की समस्या बढ़ रही हैं।
बिलासपुर में स्थिति और ज्यादा गंभीर
बिलासपुर जिले में 160 से अधिक स्कूलों में शौचालयों से संबंधित गंभीर समस्याएं हैं, जबकि 200 से ज्यादा स्कूलों में शौचालय यूज करने लायक नहीं हैं। टॉयलेट नहीं होने से लड़कियां स्कूल आना छोड़ सकती हैं जो सरकारी व्यवस्था की बड़ी नाकामी होगी।
केंद्रीय मंत्रालय से रिपोर्ट तलब
कोर्ट ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय से रिपोर्ट तलब किया है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 56,615 स्कूलों में से केवल 52,545 स्कूलों में ही लड़कियों के लिए शौचालय यूज करने लायक हैं।
निष्कर्ष
हाईकोर्ट की इस सख्ती से अब सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट की हालत सुधरने की उम्मीद जागी है। कोर्ट ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और जल्द से जल्द बदलाव लाने को कहा है।
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