बिलासपुर में प्रदेश का पहला डिजिटल नालंदा परिसर, CGPSC से NEET तक तैयारी होगी आसान
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर में 13 एकड़ में बनेगा नालंदा एजुकेशन हब
- प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों के लिए आधुनिक अध्ययन केंद्र
- नालंदा डिजिटल लाइब्रेरी में 24 घंटे अध्ययन की सुविधा
- छात्रावास और अकादमिक ब्लॉक से शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
- मुख्यमंत्री ने परियोजना का निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की
NEWS IN DETAIL
Bilaspur। शहर के मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब आने वाले समय में जिले की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाई देगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना विशेष रूप से सार्वजनिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक आधुनिक और सुव्यवस्थित अध्ययन केंद्र के रूप में तैयार की जा रही है।
हर वर्ष बिलासपुर में बड़ी संख्या में छात्र CGPSC, UPSC, NEET, JEE, SSC, व्यापम और बैंकिंग सहित विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन विद्यार्थियों को शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है ताकि उनकी तैयारी बेहतर तरीके से हो सके। इसके लिए शासकीय स्तर पर यह बड़ा प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।
13 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक परिसर
नालंदा एजुकेशन हब को लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 120 करोड़ रूपए है। इस परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
प्रशासन का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को एकाग्रता और सुरक्षा के साथ अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। परियोजना के पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश के शैक्षणिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।
छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के तहत परिसर में अत्याधुनिक नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है। इस लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को 24 घंटे अध्ययन की सुविधा डिजिटल संसाधनों के साथ मिलेगी।
इसके अलावा, छात्रों और छात्राओं के लिए 300-300 सीटों वाले आधुनिक छात्रावास तैयार किए जा रहे हैं। परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक भी होगा, जहां विशेष कक्षाएं, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
साथ ही परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल बनाए जा रहे हैं, जिन्हें शैक्षणिक और अन्य सहायक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल विद्यार्थियों को संपूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण अनुभव प्रदान करेगी।
साल के अंत तक पूर्ण होने की संभावना
जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य तेज गति से जारी है और साल के अंत तक भवन तैयार होने की संभावना है। परियोजना के पूरा होने के बाद विद्यार्थी यहां उपलब्ध सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठा सकेंगे।
बताया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला ऐसा नालंदा परिसर होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक ही परिसर में संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने किया परियोजना का निरीक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में परियोजना स्थल का दौरा कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देगा और उन्हें प्रतियोगिता में सफल होने का अवसर प्रदान करेगा।
FAQ
- नालंदा एजुकेशन हब कब तक तैयार हो जाएगा?
निर्माण कार्य तेजी से चल रही है और साल के अंत तक परिसर पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। - छात्रों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध होंगी?
डिजिटल लाइब्रेरी, 300-300 सीटों वाले छात्रावास, अकादमिक ब्लॉक और 48 रेंटल हॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। - यह परिसर किन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए होगा?
CGPSC, UPSC, NEET, JEE, SSC, व्यापम, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह परिसर छात्रों को एकीकृत सुविधा देगा।
यह खबरें भी पढ़े...
बिलासपुर नगर निगम का खेल, नियमों के खिलाफ 12 इमारतें वैध
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जारी करेंगे 10वीं-12वीं के परिणाम , मंत्रालय में होगी घोषणा
रामायण और महाभारत से सीख रहे डिप्लोमेसी, नालंदा में तैयार हो रहा आज की विदेशी नीति का नया ब्लूप्रिंट
NEET परीक्षा के चलते व्यापम ने बदला अपना फैसला, अब इस दिन आयोजित होगी PAT-PVPT परीक्षा