बिलासपुर में 19 साल से छिपा बांग्लादेशी गिरफ्तार, अब डिपोर्टेशन की तैयारी

Harrison Masih | Sept 25, 2026, 12:55 IST
बिलासपुर में बांग्लादेशी गिरफ्तार
बिलासपुर में STF और जिला विशेष शाखा ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 19 साल से शहर में रह रहा था और सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में STF और जिला विशेष शाखा ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान अतीक हुसैन (42) के रूप में हुई है, जो सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि अतीक करीब 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था।



पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों के फर्जी तरीके से बनवाए जाने का पुलिस ने दावा किया है।



STF को मिली थी संदिग्ध के छिपे होने की सूचना

STF निरीक्षक संजय शिंदे को सूचना मिली थी कि अतीक हुसैन सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। इसके बाद STF और जिला विशेष शाखा की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।



24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे पुलिस टीम ने सूर्या विहार कॉलोनी स्थित उसके किराए के मकान पर दबिश दी। यहां से अतीक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।



पूछताछ में बांग्लादेश के नारायणगंज का बताया पता

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अतीक ने अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया है। उसने कथित तौर पर वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने की बात कही।



पुलिस के अनुसार, 2005 से 2007 तक वह तमिलनाडु में रहा और इसके बाद बिलासपुर आ गया। वर्ष 2007 से वह बिलासपुर में रह रहा था।



सीपत NTPC में करता था लिफ्ट मेंटेनेंस का काम

पुलिस के मुताबिक, अतीक BECO LIFTS PRIVATE LIMITED के माध्यम से सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था। लंबे समय से शहर में रहने के दौरान उसने यहां अपनी पहचान और दस्तावेज तैयार कराए थे।



मकान की तलाशी में मिले कई दस्तावेज

पुलिस के अनुसार, आरोपी के किराए के मकान की तलाशी में कई भारतीय पहचान और अन्य दस्तावेज मिले। इनमें



  • भारतीय पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • वोटर आईडी
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • नौवीं की अंकसूची शामिल हैं।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, दस्तावेजों की वास्तविकता और इन्हें तैयार कराने में कथित तौर पर शामिल लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।



20 दिन पहले भी हुई थी पूछताछ

SSP रजनेश सिंह के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अतीक से भी पूछताछ की गई थी।



पुलिस के अनुसार, संदिग्ध लोगों को इसके बाद रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी दौरान अतीक कथित तौर पर होल्डिंग सेंटर से फरार हो गया। इसके बाद STF और जिला विशेष शाखा उसकी तलाश में जुटी थी।



अब बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया

बिलासपुर पुलिस के मुताबिक, अतीक को फिलहाल रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। उसके बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी जानकारी दी जा रही है।



फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क की भी जांच

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज किस तरह तैयार कराए गए और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। मामले में दस्तावेजों की सत्यता और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।



पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील करते हुए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है।



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