बीरगांव की वोटर लिस्ट में महापौर नंदलाल का जेंडर बदलकर लिखा महिला, पूर्व मेयर अंबिका यदु को बता दिया पुरुष

Harrison Masih | Oct 24, 2026, 16:28 IST
बीरगांव नगर निगम चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी
रायपुर के बीरगांव नगर निगम में चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। सूची में जनप्रतिनिधियों के जेंडर से जुड़ी जानकारियां गलत दर्ज होने का है। इस मामले ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान कांग्रेस महापौर नंदलाल देवांगन का जेंडर महिला दर्ज है।

वहीं, पूर्व महापौर अंबिका यदु को पुरुष बताया गया है। मेयर इन काउंसिल के सदस्य इकराम अहमद का जेंडर भी महिला दर्ज होने की बात सामने आई है।



भाजपा नेता और मां बंजारी भाजपा मंडल, बीरगांव के अध्यक्ष भागीरथी का नाम भी महिला के रूप में दर्ज होने का दावा किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस गड़बड़ी की जानकारी दी है।



कांग्रेस और भाजपा नेताओं के नाम-फोटो में भी गड़बड़ी

मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला केवल जेंडर तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम और तस्वीरों में भी गलतियां होने का दावा किया गया है।



हालांकि, ऐसी त्रुटियों की कुल संख्या और उनका पूरा विवरण सामने नहीं आया है। मतदाता सूची में नाम, फोटो, जेंडर और दूसरी जानकारियां सही होना जरूरी है। गलत जानकारी के कारण मतदाताओं को अपनी पहचान से जुड़े कामों में परेशानी हो सकती है।




SIR के बाद भी कैसे रह गईं गलतियां?

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाता है। जरूरत के अनुसार गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है।



ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुनरीक्षण के बाद भी ये गलतियां कैसे रह गईं। डिजिटल पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बाद उसका दोबारा सत्यापन हुआ या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।



निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। इसलिए गलतियों की वजह और उन्हें सुधारने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।



महापौर नंदलाल का जेंडर महिला दर्ज है
पूर्व महापौर अंबिका यदु के जेंडर में पुरुष दर्ज है

कांग्रेस ने SIR पर उठाए सवाल

बीरगांव में मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।



ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से काटे जा रहे हैं। कांग्रेस ने मतदान केंद्रों को बस्तियों से दूर दूसरी जगह स्थानांतरित करने का मुद्दा भी उठाया।



पार्टी का कहना है कि इससे आम लोगों को मतदान करने में परेशानी हो सकती है। कांग्रेस ने मतदाता सूची की गड़बड़ियों की जांच और जरूरी सुधार करने की मांग की है।




चुनाव से पहले वोटर लिस्ट सुधारना क्यों जरूरी?

चुनाव से पहले मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें नाम, फोटो, जेंडर और अन्य विवरणों की गलतियां दूर की जानी चाहिए। इससे मतदाताओं को अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी में परेशानी से बचाया जा सकता है।



बीरगांव में सामने आए मामले के बाद सूची की जांच और सुधार की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच के बिना गड़बड़ियों के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।




निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया

इस मामले में निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।



अब यह देखना होगा कि निर्वाचन अधिकारी इन शिकायतों पर क्या जवाब देते हैं। साथ ही, मतदाता सूची में कथित गलतियों को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



आगे क्या?

निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मतदाता सूची में कथित गलतियों की जांच और सुधार की मांग उठाई गई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि त्रुटियां किस स्तर पर हुईं और उन्हें ठीक करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



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