द सूत्र की खबर का असर: भाजपा नेता पर FIR, बारात में फायरिंग का वीडियो आया सामने
रायपुर में भाजपा नेता के पारिवारिक समारोह में हुई खुलेआम हर्ष फायरिंग का मामला अब पुलिस केस बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और द सूत्र द्वारा खबर प्रमुखता से उठाए जाने के बाद राजधानी पुलिस हरकत में आई। दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना में FIR दर्ज कर आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं लगाई गई हैं। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
द सूत्र की खबर के बाद बढ़ा दबाव
द सूत्र ने सबसे पहले भाजपा नेता ऋतुपर्ण सिंह, मंडी बोर्ड सदस्य मोनिका सिंह और उनके परिजनों द्वारा शादी समारोह में खुलेआम हथियार लहराकर फायरिंग किए जाने का मामला उठाया था। खबर सामने आने के बाद वीडियो तेजी से वायरल हुआ और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
FIR में क्या कहा गया
पुलिस द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक घटना 7 मई 2026 की रात महादेवघाट रायपुर स्थित एक शादी समारोह की है। शिकायत में कहा गया है कि दीपक सिंह और अन्य लोगों ने बारात के बीच लाइसेंसी रायफल से फायरिंग की। भीड़भाड़ वाले माहौल में हुई इस फायरिंग से वहां मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ गई। पुलिस ने आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 30 और BNS की धारा 125 व 3(5) के तहत अपराध कायम किया है।
बारात में खुलेआम चली गोलियां
वायरल वीडियो में कई लोग बारी-बारी से बंदूक लेकर हवा में गोलियां चलाते दिखाई दे रहे हैं। समारोह में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हुई। वीडियो देखकर साफ लग रहा है कि समारोह में हथियारों का प्रदर्शन किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था।
बच्चे के हाथ में बंदूक से बढ़ी चिंता
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह माना जा रहा है, जिसमें एक बच्चे के हाथ में भी बंदूक दिखाई दे रही है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चे ने फायर किया या नहीं, लेकिन नाबालिग तक हथियार पहुंचना ही गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हर्ष फायरिंग कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
राजनीतिक कनेक्शन पर चर्चा तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ऋतुपर्ण सिंह खुद को अकलतरा के पूर्व विधायक और खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह का करीबी बताता है। सोशल मीडिया पर दोनों की कई तस्वीरें और पोस्ट मौजूद हैं। इसी वजह से अब विपक्षी हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या राजनीतिक रसूख के कारण कार्रवाई प्रभावित होगी।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता, हथियारों के लाइसेंस और फायरिंग में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जिन हथियारों का इस्तेमाल हुआ, उनके उपयोग की अनुमति थी या नहीं।
अब आगे क्या कार्रवाई होगी
द सूत्र की खबर के बाद दर्ज हुई इस FIR ने यह साफ कर दिया है कि मामला अब सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या इस मामले में गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई भी होती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
जौरा की ‘भाजपा नेत्री’ निकली हनी ट्रैप गैंग की मास्टरमाइंड, कई कारोबारी बने शिकार; FIR के बाद फरार
कोर एरिया में बांध विस्थापितों से मिले जीतू पटवारी!, वन विभाग कर रहा FIR की तैयारी
भाजपा नेता के खिलाफ FIR से बवाल; पालिका आयुक्त को चेंबर में घुसकर सबक सिखाने की दी धमकी
भाजपा सरकार ने किसानों की आवाज उठाने पर FIR का रास्ता चुना: उमंग सिंघार