छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेता सीख रहे बंगाली, असम में भूपेश बता रहे मंहगी हुई थाली
RAIPUR: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव को लेकर भाजपा ने खास रणनीति अपनाई है। छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री पवन साय को बंगाल में ‘पवन दा’ के रूप में पेश किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के कई नेता अब बंगाली भाषा सीख रहे हैं, ताकि स्थानीय मतदाताओं से बेहतर जुड़ाव बनाया जा सके।
पवन साय 6 महीने से बंगाल में:
भाजपा महामंत्री पवन साय पिछले 6 महीने से पश्चिम बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। स्थानीय लोगों से बात करने के लिए उन्होंने बंगाली भी सीख ली है। लोग उनको पवन दा या पवन दादा के नाम से बुलाते हैं। वे वहां ग्रास रुट लेवल पर जमावट कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनावों के बाद पवन साय को छत्तीसगढ़ के अलावा कोई दूसरी बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।
बीजेपी के 159 नेता चुनावों में :
छत्तीसगढ़ के करीब 150 नेताओं को पश्चिम बंगाल में चुनावी जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल हैं। पार्टी इन नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजकर स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।बीजेपी की रणनीति सिर्फ नेताओं की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और भाषा से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि कई नेता बंगाली बोलने का अभ्यास कर रहे हैं, ताकि वे जनता के बीच सहजता से संवाद कर सकें।
असम में भूपेश का दांव:
कांग्रेस में छत्तीसगढ़ से पूर्व सीएम भूपेश बघेल को असम के मोर्चे पर लगाया है। भूपेश लोगों को मोदी सरकार के बाद बढ़ी मंहगाई के बारे में बता रहे हैं। इसके अलावा विदेश नीति, मोदी सरकार किसान नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। भूपेश का कहना है कि सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीतेगी।
नेताओं के इंतज़ाम:
इन नेताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। चुनावी क्षेत्रों में उनके ठहरने और प्रचार-प्रसार के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर नेताओं की आवाजाही पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने की बात भी सामने आई है।
निष्कर्ष:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बार बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बाहरी राज्यों के नेताओं को उतारकर पार्टी चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि यह ‘पवन दांव’ चुनावी नतीजों में कितना असर दिखाता है।
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