शेयर मार्केट के नाम पर बड़ा कारोबारी 13 बार फंसा ...57 लाख रुपए डुबोये
Share Market Fraud Case : अगर आपके भी लाखों रुपए शेयर मार्केट में निवेश पर हैं तो उसकी अच्छे से जांच करें या निवेश करने से पहले सौ बार सोचें.... एक करोबारी के शेयर मार्केट में मोटा पैसा कमाने के लालच में 57 लाख रुपए डूब गए।
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आरोपी ने 13 बार झांसे में लिया
दरअसल, रायपुर में शातिर ने शेयर मार्केट के नाम पर कारोबारी से 57 लाख रुपए लूट लिए। शातिर ने पहले कारोबारी से एक एप डाउनलोड कराया। इसके बाद 13 बार अलग-अलग किस्त में पैसे जमा कराए। मोटा मुनाफा दिखाकर आरोपी कारोबारी को झांसे में लेता रहा।
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ऐसे हुआ ठगी का एहसास
डूंडा में रहने वाला नीरज वर्मा पेशे से कारोबार है। मोटा मुनाफा पाने के लालच में नीरज ने 57 लाख रुपए निवेश में लगा दिए। जब कारोबारी ने पैसा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने 22 लाख की डिमांड की। लंबे समय तक निवेश करने और रिटर्न न मिलने से करोबारी को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एप में पैसे डूबे
नीरज ने पुलिस को बताया कि, अरोपी ने एक एप डाउनलोड कराया। इस एप मेंनीरज ने अलग-अलग किस्त में पैसा जमा किया। कुछ ही दिन में एप में मोटा मुनाफा दिखाने लगा। जब पैसा निकालने का प्रयास किया तो ठग ने पैसे की डिमांड की। पुलिस ने खाता और मोबाइल नंबर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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FAQ
- कारोबारी से ठगी करने के लिए आरोपी ने कौन सा तरीका अपनाया?
आरोपी ने पहले कारोबारी को एक एप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद 13 बार अलग-अलग किस्तों में 57 लाख रुपए जमा कराए। एप में मोटा मुनाफा दिखाकर आरोपी उसे झांसे में लेता रहा, लेकिन जब कारोबारी ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो 22 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की गई। - कारोबारी को ठगी का एहसास कब हुआ?
कारोबारी नीरज वर्मा को तब ठगी का एहसास हुआ जब उसने निवेश किए गए पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने 22 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। लंबे समय तक रिटर्न न मिलने और पैसे वापस न मिलने के कारण उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो गया है, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। - पुलिस ने मामले की जांच कैसे शुरू की?
पुलिस ने आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते और मोबाइल नंबर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, ठगी में इस्तेमाल किए गए एप की भी जांच की जा रही है ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके और आरोपियों को पकड़ा जा सके।
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