साय कैबिनेट निर्णय : अग्निवीरों को आरक्षण और किसानों के लिए बनी उर्वरक उप-समिति

VINAY VERMA | Jul 22, 2026, 14:31 IST
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छत्तीसगढ़ की साय कैबिनेट ने अग्निवीरों को राज्य की पुलिस, वन और जेल विभाग की भर्ती में 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। साथ ही खाद संकट रोकने हेतु समिति बनाई।

RAIPUR : साय सरकार ने कैबिनेट की बैठक में दो ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर युवाओं और किसानों पर पड़ेगा। सरकार ने अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। वहीं खरीफ और रबी सीजन में खाद की किल्लत रोकने और उर्वरकों की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए मंत्रियों की उप समिति गठित करने को मंजूरी दे दी गई है।



अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह आरक्षण पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में लागू होगा। इसके लिए 'छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026' बनाया जाएगा।



चार साल की सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा लाभ

सरकार ने साफ किया है कि आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की हो और वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्त हुए हों। सरकार का दावा है कि इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं पुलिस, वन और जेल विभाग को भी अनुभवी मानव संसाधन मिलेगा।



दो साल पुरानी घोषणा पर लगी मुहर

यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उस घोषणा का पालन माना जा रहा है, जो उन्होंने 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की थी। लंबे समय से अग्निवीरों के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब राज्य सरकार ने अपने स्तर पर नौकरी में आरक्षण का रास्ता खोल दिया है। इससे आने वाले वर्षों में अग्निवीरों को राज्य सेवा में प्राथमिकता मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।



खाद संकट पर सरकार की नजर

कैबिनेट ने किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया। खरीफ और रबी दोनों मौसम में उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी गई है। यह समिति खाद की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन की लगातार समीक्षा करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।



उप मुख्यमंत्री होंगे समिति के अध्यक्ष

नई समिति की कमान उप मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री इसके सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। समिति राज्य में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और संभावित संकट पर सरकार को सुझाव देगी, ताकि बुवाई के समय किसानों को उर्वरकों के लिए भटकना न पड़े।



सरकार का फोकस साफ

कैबिनेट के दोनों फैसले सरकार की दो अलग-अलग प्राथमिकताओं को सामने लाते हैं। एक तरफ सेना से लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था की गई है, तो दूसरी तरफ खेती के सबसे संवेदनशील मुद्दे—खाद की उपलब्धता—पर निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अग्निवीर आरक्षण के नियम कितनी जल्दी लागू होते हैं और उर्वरक उप समिति किसानों को जमीनी स्तर पर कितनी राहत दिला पाती है।



FAQ

  1. अग्निवीरों को छत्तीसगढ़ में कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा?
    उत्तर: साय कैबिनेट के निर्णय के अनुसार अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी (Class-3) की सिविल सेवाओं में 10% आरक्षण दिया जाएगा।
  2. अग्निवीर आरक्षण किन प्रमुख पदों की भर्ती पर लागू होगा?
    उत्तर: यह 10% कोटा मुख्य रूप से तीन सीधी भर्तियों में लागू होगा: पुलिस विभाग: आरक्षक (Constable) वन विभाग: वनरक्षक (Forest Guard) जेल विभाग: प्रहरी (Jail Prahari)
  3. अग्निवीरों के लिए आरक्षण की मुख्य शर्त क्या है?
    उत्तर: अभ्यर्थी ने भारतीय सशस्त्र बलों (सेना) में 4 साल की सेवा पूरी की हो और उनके पास आधिकारिक वैध सेवा प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।

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