कैबिनेट बैठक में कर्मचारी मुद्दे नहीं, उम्मीदों पर फिरा पानी, 7 लाख में बढ़ा गुस्सा, फिर आंदोलन की तैयारी

VINAY VERMA | Oct 01, 2026, 12:11 IST
​कर्मचारियों की मांगों पर कैबिनेट में चर्चा नहीं​
रायपुर। 30 सितंबर का हुई कैबिनेट बैठक से प्रदेश के करीब 7 लाख अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनरों को बड़ा झटका लगा है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद थी कि लंबे समय से अटकी मांगों पर सरकार इस बैठक में कोई फैसला लेगी। खासकर कैशलेस इलाज, महंगाई भत्ता, एरियर और पदोन्नति जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारी आस लगाए बैठे थे। लेकिन बैठक के एजेंडे में इन मुद्दों पर कोई फैसला नहीं हुआ।

कैशलेस इलाज भी अटका

कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रस्ताव पहले ही सरकार के सामने है। करीब 5 लाख कर्मचारी और उनके आश्रितों को इसका फायदा मिलने की बात कही गई थी। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपए के प्रावधान का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसके बावजूद कैबिनेट में यह मुद्दा नहीं आया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है।



DA और एरियर का इंतजार

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और पुराने एरियर का भुगतान लंबे समय से उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। पदोन्नति समेत दूसरी मांगों पर भी सरकार से कार्रवाई की उम्मीद थी। संगठनों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बाद भी अगर कैबिनेट में चर्चा तक नहीं होती, तो कर्मचारियों के बीच सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।



10 अक्टूबर तक सरकार को मोहलत

‘एक मांग एक मंच अभियान’ और पेंशनर फोरम से जुड़े पदाधिकारियों ने अब सरकार को 10 अक्टूबर तक का समय दिया है। अभियान के प्रांतीय संयोजक करण सिंह अटेरिया, कोषालय कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, पेंशनर फोरम के जय नारायण श्रीवास्तव, विद्या भूषण दुबे, आरके थवाईत, चंद्रिका सिंह, अनिल शुक्ला और ओपी शर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है।



राज्योत्सव से पहले आंदोलन?

संगठनों का कहना है कि अगर 10 अक्टूबर तक मुख्य सचिव के नाम सौंपे गए पांच सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो राज्योत्सव से पहले प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। यानी सरकार के सामने अब कर्मचारियों की नाराजगी संभालने की चुनौती है।



2 अक्टूबर को बनेगी रणनीति

संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने 2 अक्टूबर को रायपुर में आपात बैठक बुलाई है। इसमें कर्मचारी संघ, पेंशनर फोरम और ‘एक मांग एक मंच अभियान’ से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में आगे की रणनीति तय होगी। मंत्रालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि कैबिनेट से उम्मीद थी, लेकिन मांगों पर चर्चा नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा है। अब अगला कदम संगठनों की बैठक के बाद तय होगा।



  1. कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का क्या प्रस्ताव है?
    कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रस्ताव सरकार के समक्ष है, जिसमें लगभग 5 लाख कर्मचारी और उनके आश्रितों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए 100 करोड़ रुपए के प्रावधान का प्रस्ताव भी पेश किया गया है।
  2. महंगाई भत्ते और एरियर का भुगतान क्यों जरूरी है?
    महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और पुराने एरियर का भुगतान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा न होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
  3. सवाल: छत्तीसगढ़ सरकारी कर्मचारियों का DA कब बढ़ेगा?
    30 सितंबर 2026 की छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी पर कोई फैसला नहीं हुआ। फिलहाल DA बढ़ाने की कोई नई तारीख सरकार की ओर से घोषित नहीं की गई है। कर्मचारी संगठनों ने इस मांग को लेकर सरकार को 10 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है।
Tags:
  • कैशलेस इलाज
  • कैबिनेट बैठक
  • एरियर का भुगतान
  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक
  • कर्मचारियों में नाराजगी