Census 2027: अब घर बैठे होगी जनगणना की शुरुआत, मोबाइल से खुद दर्ज कर सकेंगे परिवार का पूरा ब्योरा
समझें क्या है पूरा मामला
- जनगणना 2027 डिजिटल तरीके से होगी।
- नागरिक स्व-गणना से खुद जानकारी भर सकेंगे।
- जनगणना कर्मी विशेष मोबाइल एप से डेटा दर्ज करेंगे।
- ऑनलाइन भरी जानकारी का भी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से सत्यापन होगा।
- रायपुर में अधिकारियों को चार दिन का प्रशिक्षण दिया गया।
स्व-गणना क्या है और कैसे काम करेगी?
स्व-गणना (Self Enumeration) में परिवार का कोई सदस्य स्मार्टफोन या वेब पोर्टल पर जाकर अपने घर और परिवार की जानकारी भर सकेगा। यह सुविधा जनगणना की नई व्यवस्था का हिस्सा है। लेकिन ऑनलाइन जानकारी भर देने के बाद भी उसका सत्यापन होगा। यह काम संबंधित अधिकारी और पर्यवेक्षक करेंगे।
नागरिकों को क्या जानना जरूरी है?
स्व-गणना के लिए किस वेब पोर्टल या मोबाइल सुविधा का इस्तेमाल करना होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं आई है। विस्तृत निर्देश संबंधित विभाग जारी करेगा। तब तक नागरिकों को किसी और लिंक या एप से जानकारी भरने से बचना चाहिए।
रायपुर में कैसा रहा प्रशिक्षण?
रायपुर जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया। इसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां और कामकाज का तरीका बताया गया।
जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण के निदेशक कार्तिकेय गोयल प्रशिक्षण में शामिल हुए। जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन और दूसरे विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
चार दिन में क्या-क्या हुआ?
चार दिन का प्रशिक्षण दो हिस्सों में हुआ। पहले दो दिन ग्रामीण चार्ज अधिकारियों को सिखाया गया। बाकी दो दिन शहरी इलाकों के अधिकारियों को प्रक्रिया समझाई गई।
डिजिटल जनगणना मोबाइल एप से क्या बदलेगा?
जनगणना 2027 में तकनीक की बड़ी भूमिका बताई गई है। प्रगणक विशेष मोबाइल एप के जरिए परिवारों का विवरण डिजिटल रूप में दर्ज करेंगे। उम्मीद है कि इससे जानकारी जुटाना और उसे व्यवस्थित करना आसान होगा।
जनसंख्या गणना में कौन-सी जानकारियां जुटेंगी?
मिली जानकारी के मुताबिक जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना में हर व्यक्ति से अलग-अलग श्रेणियों की जानकारी ली जाएगी। इसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पहलू शामिल हैं। साथ ही प्रवासन और प्रजनन से जुड़े विवरण भी लिए जाएंगे।
आंकड़ों का क्या इस्तेमाल होगा?
जनगणना का डेटा सिर्फ आबादी की गिनती नहीं बताता। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस इलाके में स्कूल, अस्पताल, आवास, सड़क और रोजगार की कितनी जरूरत है। इसलिए यह आंकड़े विकास योजनाओं और नीतियों में अहम होते हैं। स्व-गणना से नागरिकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
अब आगे क्या?
अब स्व-गणना की आधिकारिक प्रक्रिया और पोर्टल की घोषणा का इंतजार है। रायपुर में अभी अधिकारियों को ही प्रशिक्षित किया जा रहा है।
यह खबर क्यों जरूरी है
जनगणना हर 10 साल में होती है। इस बार लोग खुद भी अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह खबर हर परिवार के लिए जरूरी है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक वेबसाइट और पूरी प्रक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए लोगों को सरकार की घोषणा का इंतजार करना चाहिए। जनगणना से मिलने वाली जानकारी के आधार पर ही स्कूल, अस्पताल और सड़क जैसी सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। इसलिए सभी लोगों को अपनी सही जानकारी देनी चाहिए। डिजिटल तरीके से जानकारी भरने पर लोगों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल हो सकते हैं।
FAQ
सवाल: स्व-गणना क्या है?
जवाब: इसमें नागरिक स्मार्टफोन या वेब पोर्टल पर घर बैठे अपने परिवार की जानकारी खुद भर सकेंगे। ऑनलाइन भरी जानकारी का बाद में सत्यापन होगा।
सवाल: स्व-गणना किस पोर्टल पर होगी?
जवाब: अभी इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। संबंधित विभाग निर्देश जारी करेगा, तभी साफ होगा।
सवाल: स्व-गणना को लेकर रायपुर में क्या हुआ?
जवाब: जिला प्रशासन ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में चार दिन का प्रशिक्षण कराया। पहले दो दिन ग्रामीण और बाकी दो दिन शहरी अधिकारियों को सिखाया गया।