छत्तीसगढ़ जनगणना ; 30 मई तक देनी होगी पूरी जानकरी, वरना मकान दर्ज होगा बंद

Aishwarya Dwivedi | May 14, 2026, 12:27 IST
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रायपुर में जनगणना कार्य युद्धस्तर पर जारी है। 30 मई तक घर बंद मिलने पर लॉक्ड श्रेणी में डेटा इंट्री कर दी जाएगी होगी। कर्मचारी पड़ोसियों के जरिए संपर्क कर डेटा ऑनलाइन अपडेट करने में जुटे हैं।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर जिले में अब तक चार लाख लोगों की ऑनलाइन प्रविष्टि।
  • 30 मई तक अनुपस्थित परिवारों का डेटा 'मकान बंद' दर्ज होगा।
  • प्रगणक पड़ोसियों को फोन नंबर देकर दोबारा जानकारी लेने आएंगे।
  • पूरे प्रदेश में 51300 प्रगणक मोबाइल ऐप से डेटा भर रहे।
  • सॉफ्टवेयर में दर्ज सभी व्यक्तिगत आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ की राजधानी समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का महाअभियान युद्धस्तर पर जारी है। 1 मई से शुरू हुए इस कार्य के तहत अब तक रायपुर जिले में लगभग चार लाख लोगों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। हालांकि, छुट्टियों का सीजन होने के कारण प्रगणकों (Enumerators) को फील्ड में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है—सैकड़ों मकानों में ताले लटके मिल रहे हैं।



30 मई तक की समयसीमा

जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो लोग वर्तमान में शहर से बाहर हैं, उन्हें 30 मई तक लौटकर अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी। यदि इस समयसीमा के भीतर परिवार वापस नहीं लौटता है और जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो मोबाइल ऐप में उनके मकान नंबर के सामने मकान बंद है की एंट्री कर दी जाएगी। क्षेत्र में तैनात कर्मचारी बंद मकानों के पड़ोसियों को सूचित कर रहे हैं और अपना संपर्क नंबर भी छोड़ रहे हैं, ताकि परिवार के वापस आने पर उनसे दोबारा संपर्क किया जा सके।



वैकेंट और लॉक्ड कैटेगरी में होगा वर्गीकरण

नियमों के अनुसार, यदि किसी मकान में लगातार एक महीने तक कोई जानकारी देने वाला नहीं मिलता, तो उसे हाउस ऑफ यूज कैटेगरी के तहत वैकेंट (खाली) और सब-कैटेगरी लॉक्ड में डाल दिया जाएगा।



नंबरिंग अनिवार्य: भले ही मकान बंद हो, लेकिन उसकी संरचना का विवरण और मकान नंबरिंग का काम अनिवार्य रूप से किया जाएगा।



बाद में अपडेट की सुविधा: प्रगणक ऐसे घरों की एक अलग सूची तैयार कर रहे हैं। भविष्य में जब परिवार वापस लौटेगा, तो मोबाइल ऐप के डेटा अपडेट विकल्प के माध्यम से उनकी जानकारी को संशोधित किया जा सकेगा।



डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता का दावा

इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल है। प्रदेश भर में 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक तैनात हैं। अकेले रायपुर जिले को 3,939 ब्लॉक में बांटा गया है। प्रगणक सीधे अपने मोबाइल ऐप पर डेटा फीड कर रहे हैं, जो रोजाना शाम को मुख्य सर्वर पर अपडेट होता है।



अधिकारियों का कहना है कि यह सॉफ्टवेयर पूरी तरह सुरक्षित है और डेटा लीक होने की कोई संभावना नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करें और यदि वे बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों को जानकारी देकर जाएं या लौटते ही प्रगणक से संपर्क करें।



निष्कर्ष

जनगणना अभियान को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन बेहद गंभीर है। 30 मई की समयसीमा तय करना और डिजिटल ऐप का उपयोग इस प्रक्रिया को सटीक और तेज बनाता है। नागरिकों की अनुपस्थिति एक चुनौती है, लेकिन 'डेटा अपडेट' जैसे विकल्प सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी परिवार गणना से छूटे नहीं।



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