जनगणना 2027 ; कर्मचारियों से बदसलूकी पर प्रशासन सख्त, तुरंत दर्ज होगी FIR
NEWS IN SHORT
- प्रगणकों से बदसलूकी करने वालों पर तत्काल FIR दर्ज होगी।
- जनगणना के दौरान ली गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी।
- रायपुर पुलिस कमिश्नर को सुरक्षा हेतु विशेष पत्र लिखा गया।
- मकान सूचीकरण का कार्य 1 से 30 मई तक चलेगा।
- नागरिकों से सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की।
NEWS IN DEATIL
छत्तीसगढ़ में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण का काम शुरू होते ही विवादों की खबरें सामने आने लगी हैं। भीषण गर्मी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घर-घर जाकर डेटा जुटा रहे प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों के साथ कई जगहों पर बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। रायपुर और बिलासपुर सहित कई जिलों से मिल रही इन शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
पुलिस को कड़े निर्देश
रायपुर जिला जनगणना अधिकारी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पुलिस कमिश्नर और एसपी (ग्रामीण) को आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में जनगणना में लगे कर्मचारियों के लिए पुख्ता सुरक्षा की मांग की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी थाना क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना कार्य में बाधा डालने या कर्मचारियों से अभद्रता करने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाएगी। जरूरत पड़ने पर फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों को पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। हाल ही में रायपुर में एक शिक्षक द्वारा जनगणना कर्मी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
गोपनीयता की गारंटी
जनगणना निदेशालय के अधिकारियों ने जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। डेटा सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित बातें साझा की गई हैं। जनगणना के दौरान जुटाया गया डेटा किसी भी अन्य संस्था या व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा। यह कार्य पूरी तरह केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत एक वैधानिक प्रक्रिया है। नागरिक बिना किसी झिझक के अपने घर और परिवार से जुड़ी सही जानकारी दें ताकि देश के विकास की योजनाएं सटीक डेटा पर आधारित हों।
1 से 30 मई तक चलेगा पहला चरण
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में जनगणना का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य चल रहा है। यह अभियान 1 मई से शुरू हुआ है जो 30 मई तक चलेगा। प्रगणक और सुपरवाइजर तेज धूप और विपरीत मौसम में राष्ट्रहित का कार्य कर रहे हैं। उनके साथ सहयोग करें। किसी भी प्रकार का विवाद न केवल कार्य में बाधा है, बल्कि आपको कानूनी मुश्किलों में भी डाल सकता है।
निष्कर्ष
जनगणना राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें प्रगणकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन द्वारा की गई सख्ती और पुलिस का सहयोग यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारी बिना किसी भय के कार्य पूर्ण कर सकें। नागरिकों को भी चाहिए कि वे डेटा की गोपनीयता पर भरोसा कर सहयोग करें, ताकि भविष्य की योजनाएं सटीक बन सकें।
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में जनगणना ड्यूटी में लापरवाही कर रहे अधिकारी-कर्मचारी, 289 को नोटिस, FIR की चेतावनी
डिजिटल जनगणना : हर घर को मिलेगी यूनिक लोकेशन, अब पलक झपकते पहुँचेंगी इमरजेंसी सेवाएँ
राजस्थान में डिजिटल जनगणना की हुई शुरूआत, CM भजनलाल ने भरा पहला फॉर्म
जनगणना 2027: स्व गणना का जोश ठंडा, छोटे जिले आगे, बड़े शहर पिछड़े