गृहमंत्री अमित शाह की चेतावनी, मार्च-26 तक खत्म कर देंगे छत्तीसगढ़ से लाल आतंक, नक्सलवाद ने रोका बस्तर का विकास

Sanjay Dhiman | Oct 04, 2025, 19:06 IST
Photograph: (the sootr)
अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद को समाप्त करने की बात की, साथ ही 31 मार्च 2026 तक बस्तर को विकास के रास्ते पर लाने का वादा किया। उन्होंने मुड़िया दरबार के लोकतांत्रिक मूल्य और स्वदेशी जागरण की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

BASTAR. छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला कई वर्षों से नक्सलवाद के कारण विकास की राह में रुकावटों का सामना कर रहा था। अब एक नए अध्याय की शुरुआत करने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र में अपने हालिया दौरे के दौरान बस्तर को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर में लाल आतंक का खात्मा हो जाएगा।



गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर दशहरे के अवसर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि नक्सलवाद ने बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा डाली है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे नक्सलवाद ने इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सड़कें और अन्य सरकारी योजनाओं को प्रभावित किया। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर के लोग अब इन समस्याओं से बाहर निकलेंगे और विकास के मार्ग पर चलेंगे। इस माैके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी माैजूद थे।



नक्सलवाद की वजह से पिछड़ा बस्तर

केंद्रीय मंत्री ने कहा, कई सालों तक यह भ्रांति फैलाने की कोशिश की गई कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन असल में नक्सलवाद के कारण बस्तर का विकास रुक गया है। उन्होंने बताया कि आज के समय में देश के हर गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन बस्तर अब तक कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा है।



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बस्तर में विकास की नई उम्मीद

अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवाद बस्तर के विकास को रोकने में सक्षम नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र में जो काम हो चुका है, वह बहुत महत्वपूर्ण है, और अब और अधिक काम किया जाएगा। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर में विकास का हर कार्य सुनिश्चित किया जाए।



गुमराह नवयुवकों को मुख्यधारा में लाने का आह्वान

अमित शाह ने नक्सलवाद से जुड़े बच्चों व नवयुवकों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरेंडर पॉलिसी है, जिसके तहत कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि अगर कोई गांव नक्सल मुक्त हो जाता है, तो राज्य सरकार उस गांव को विकास के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान करेगी।



अमित शाह के नक्सलवाद को लेकर दिए बयानों को ऐसे समझें



नक्सलवाद का खात्मा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का वादा किया और कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर का विकास रुक गया था।

विकास की नई दिशा: उन्होंने बस्तर के विकास के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, और सड़कों का विस्तार किया जाएगा।

मुड़िया दरबार का महत्व: शाह ने मुड़िया दरबार को बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसके लोकतांत्रिक मूल्यों और आदिवासी संस्कृति को वैश्विक धरोहर के रूप में सम्मानित किया।

नक्सली आत्मसमर्पण 2025 योजना: उन्होंने नक्सलवाद से जुड़े बच्चों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की और बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की सरेंडर पॉलिसी से कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

स्वदेशी जागरण और जीएसटी कटौती: अमित शाह ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान किया और मोदी सरकार द्वारा जीएसटी में की गई कटौतियों से जनता को मिली राहत का उल्लेख किया।

विकास के लिए एक करोड़ की प्रोत्साहन राशि

गृह मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जैसे ही कोई गांव नक्सली-मुक्त घोषित होगा, छत्तीसगढ़ सरकार उस गांव को विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। यह पहल स्थानीय समुदायों को नक्सलवाद के खिलाफ खड़े होने और सुरक्षा बलों का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने जोर दिया कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है, और अब समय आ गया है कि यह अध्याय हमेशा के लिए बंद हो जाए।



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जारी की महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त भी जारी की। यह योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



  • किस्त की राशि और लाभार्थी: इस किस्त के तहत, 65 लाख से ज्यादा महिलाओं [More than 65 lakh women] के बैंक खातों में 606.94 करोड़ रुपये सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किए जाएंगे।
  • कुल आंकड़ा: इससे पहले, 19 किस्तों में महिलाओं को 12,376 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। नई किस्त जारी होने के बाद, इस योजना का कुल आंकड़ा 12,983 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

स्वदेशी का संकल्प और आर्थिक सशक्तिकरण

गृह मंत्री ने स्वदेशी के विचार को राष्ट्रीय संकल्प बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर में संकल्प' को दोहराया कि प्रत्येक नागरिक अपने घर में देश में बनी हुई चीजों का ही उपयोग करेगा। साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से भी यह संकल्प लेने को कहा कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेश में बनी कोई चीज उपलब्ध नहीं होगी।



उन्होंने कहा, "अगर 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करे, तो भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता है।" यह सीधे तौर पर रोजगार सृजन और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति देगा।



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जीएसटी कटौती: आम जनता को बड़ी राहत

केंद्रीय मंत्री ने GST (Goods and Services Tax) में हुई टैक्स कटौतियों को आम जनता, खासकर माताओं और बहनों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने 395 चीजों पर GST में टैक्स घटाकर बहुत बड़ी राहत देने का काम किया है।



खाने-पीने की जरूरी चीजों को टैक्स-फ्री कर दिया गया है, और आम जरूरत की चीजों पर केवल 5 प्रतिशत टैक्स रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास में टैक्स में इतनी बड़ी कटौती कभी नहीं हुई, जो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई है। स्वदेशी के साथ यह आर्थिक सुधार देश के अर्थतंत्र को नई गति प्रदान करेगा।



FAQ

  1. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म करने के लिए कौन सी समय सीमा निर्धारित की है?
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) क्षेत्र से नक्सलवाद यानी लाल आतंक को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा निर्धारित की है। उन्होंने दंतेश्वरी माई के समक्ष भी प्रार्थना की है कि सुरक्षा बलों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने की शक्ति मिले।
  2. अमित शाह ने नक्सलवाद को बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा क्यों बताया?
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि बस्तर के विकास से पीछे रहने का मूल कारण नक्सलवाद है। उन्होंने उस तर्क को खारिज किया जो नक्सलवाद को विकास की लड़ाई मानता है। उन्होंने 31 मार्च 2026 के बाद विकास तेजी से होने का वादा किया है।
  3. छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण नीति और नक्सली-मुक्त गांवों के लिए क्या विशेष घोषणा की गई है?
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण नीति को भारत में सबसे अच्छी बताया, इस योजना में एक महीने में 500 से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। गुमराह बच्चों को मुख्य धारा में लौटने के लिए यह घोषणा की गई है कि जैसे ही कोई गांव नक्सली-मुक्त घोषित होगा, उस गांव को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी


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