भ्रष्टाचार पर साय सरकार का बड़ा वार : 10 नए अफसरों की फौज तैयार
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur : छत्तीसगढ़ में वसूली, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए साय सरकार अब पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। सरकार ने पहले चरण में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को मजबूत करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में पुलिस विभाग के 10 अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रायपुर स्थित ACB-EOW में पदस्थ किया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई की रफ्तार बढ़ेगी।
CM की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 जुलाई 2026 को इसका आदेश जारी किया है। आदेश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंजूरी के बाद जारी हुआ। विभाग के सचिव रजत कुमार के हस्ताक्षर से जारी आदेश में गृह (पुलिस) विभाग से अधिकारियों की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेकर उन्हें ACB-EOW रायपुर में पदस्थ किया गया है। इससे साफ संकेत है कि सरकार भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों को अतिरिक्त मानव संसाधन देकर उनकी क्षमता बढ़ाना चाहती है।
जिलों से चुने गए अनुभवी अधिकारी
प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारियों में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो एसडीओपी और सात डीएसपी एवं निरीक्षक संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी खैरागढ़, रायगढ़, गरियाबंद, बेमेतरा, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, राजनांदगांव और पुलिस मुख्यालय जैसे अलग-अलग स्थानों पर तैनात थे। अब सभी की नई जिम्मेदारी ACB-EOW रायपुर होगी। सरकार ने अलग-अलग जिलों से ऐसे अधिकारियों को चुना है जिन्हें फील्ड पुलिसिंग और जांच का अनुभव है।
अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश कुमार गौतम, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, मंजुलता राठौर, राजेश कुमार झा, दीपमाला कुर्रे, मोनिका श्याम, रोशन आहुजा, रविकांत सहारे और नगर पुलिस अधीक्षक एलेक्जेंडर किरो शामिल हैं। सभी अधिकारी अब रायपुर में आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच में भूमिका निभाएंगे।
बड़े मामलों की जांच को मिलेगी रफ्तार
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में आर्थिक अपराध, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति जैसे मामलों की संख्या बढ़ी है। ACB और EOW के पास पहले से कई संवेदनशील मामले लंबित हैं। ऐसे में अधिकारियों की संख्या बढ़ने से जांच की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में लंबित जांच को भी तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है।
यह सिर्फ शुरुआत, आगे और विस्तार संभव
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह केवल पहला चरण है। जरूरत पड़ने पर ACB और EOW में और अधिकारियों एवं तकनीकी संसाधनों की तैनाती भी की जा सकती है। सरकार की रणनीति भ्रष्टाचार के खिलाफ संस्थागत ढांचा मजबूत करने की है, ताकि वसूली और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। आने वाले समय में हाई-प्रोफाइल मामलों में भी जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
IMP FACTS
कुल अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर: 10
आदेश जारी: 13 जुलाई 2026
नई पदस्थापना: ACB-EOW, रायपुर
मंजूरी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
आदेश जारी करने वाला विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग
आदेश पर हस्ताक्षर: सचिव रजत कुमार
FAQ
- ACB-EOW में कितने नए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने ACB-EOW को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग के 10 अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रायपुर स्थित ACB-EOW में पदस्थ किया है। इनमें एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो एसडीओपी और डीएसपी/निरीक्षक संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं। - सरकार ने ACB-EOW को मजबूत करने का फैसला क्यों लिया?
सरकार का उद्देश्य भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध, वसूली, रिश्वतखोरी और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी जैसे मामलों की जांच को तेज और प्रभावी बनाना है। अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती से लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है। - क्या आगे भी ACB-EOW में और संसाधन बढ़ाए जाएंगे?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह केवल पहला चरण है। आवश्यकता पड़ने पर ACB-EOW में और अधिकारियों के साथ तकनीकी संसाधनों की भी तैनाती की जा सकती है, ताकि हाई-प्रोफाइल और आर्थिक अपराधों की जांच को और मजबूत बनाया जा सके।
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