छत्तीसगढ़ में नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा, साय सरकार ने बनाई एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल
Raipur. छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अब और कड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने अपराध नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन का निर्णय लिया है, ताकि प्रदेश में सक्रिय नशा तस्करों और आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सके।
साय सरकार ने हाल ही में अपने दो वर्ष पूरे किए हैं। इन दो वर्षों में सरकार ने सुशासन, विकास और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कई नीतिगत फैसले लिए हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस व्यवस्था में सुधार और नई इकाइयों के गठन की दिशा में काम किया गया है। इसी क्रम में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन की घोषणा की गई है।
100 नए पदों को दी स्वीकृति
पिछले दिनों मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय 'एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स' का गठन किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। जिन जिलों में यह टास्क फोर्स गठित की जाएगी, उनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं।
तस्करी के मामले आए थे सामने
दरअसल, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों से नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई और कुछ संगठित गिरोह भी सक्रिय पाए गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के सामने यह चुनौती थी कि ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए। इसी वजह से सरकार ने विशेष रूप से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम इकाइयों के गठन का फैसला लिया है।
सरकार ने चलाए विशेष अभियान
सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी। इसके तहत पहले भी कई विशेष अभियान चलाए गए और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन से इस कार्रवाई को और अधिक संगठित एवं प्रभावी बनाने की तैयारी की गई है।
इस तरह कार्रवाई करेंगी सेल
नवगठित विशेष अभियान समूह यानी एसओजी (SOG) को प्रदेश में सक्रिय बड़े आपराधिक गिरोहों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच की जिम्मेदारी दी जाएगी। यह इकाई संवेदनशील मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल का मुख्य फोकस राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने पर रहेगा। यह सेल नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने, तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि नशे का अवैध कारोबार समाज और खासकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए इसे जड़ से खत्म करने के लिए मजबूत और दीर्घकालिक रणनीति अपनाई जा रही है। एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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