बिलासपुर हाउसिंग बोर्ड दफ्तर में युवक ने फेका बादाम, हंगामा बढ़ा तो सालों से गायब फाइल चंद घंटों में मिली

Aishwarya Dwivedi | Apr 19, 2026, 12:51 IST
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बादाम बेचने वाले युवक की EWS प्लॉट नामांतरण फाइल लंबे समय बाद मिल गई। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया, छुट्टी के दिन ऑफिस खोलकर खोजबीन की गई और विभागीय लापरवाही पर सवाल उठे।

NEWS IN SHORT

  • टेबल पर बादाम फेकने वाले युवक की नामांतरण फाइल मिली
  • EWS प्लॉट मामले में लंबे समय से गुम थी फाइल
  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से उछला मामला
  • छुट्टी के दिन ऑफिस खोलकर की गई फाइल की खोज
  • प्रशासन ने शुरू की लापरवाही की जांच

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक द्वारा सरकारी कार्यप्रणाली के विरोध का अनोखा तरीका सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में अपनी फाइल गुम होने से परेशान एक युवक ने अधिकारी की टेबल पर बादाम का पैकेट फेंककर अपना विरोध जताया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए छुट्टी के दिन दफ्तर खोलकर गुम हुई फाइल बरामद कर ली है।



क्या है पूरा विवाद

मामला तिफरा निवासी तरुण साहू से जुड़ा है। तरुण ने करीब एक साल पहले एक EWS फ्लैट रिसेल में खरीदा था और उसकी विधिवत रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद, नामांतरण (नाम ट्रांसफर) की प्रक्रिया के लिए उन्होंने अभिलाषा परिसर स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे।



आमतौर पर यह प्रक्रिया एक से दो महीने में पूरी हो जाती है, लेकिन तरुण के मामले में 7 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब उन्होंने कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए, तो उन्हें बताया गया कि नामांतरण तो हो चुका है, लेकिन उनकी फाइल नहीं मिल रही है।



बादाम और याददाश्त का तंज

The Taunt of Almonds and Memory


पीड़ित युवक का आरोप है कि पिछले छह महीनों में उसने 50 से अधिक बार दफ्तर के चक्कर काटे, लेकिन हर बार अधिकारी 'फाइल खो गई है' का बहाना बनाकर उसे लौटा देते थे। 17 अप्रैल को जब तरुण दोबारा दफ्तर पहुंचे और वही पुराना जवाब मिला, तो उनका धैर्य जवाब दे गया।



वे अपने साथ आधा किलो बादाम लेकर पहुंचे थे। उन्होंने उप संपदा अधिकारी पूनम बंजारे की टेबल पर बादाम फेंकते हुए कहा, *"इसे खाइए और जब आपको याद आ जाए कि मेरी फाइल कहाँ है, तो मुझे बता दीजिएगा।"* युवक का तर्क था कि शायद बादाम खाने से अधिकारियों की याददाश्त बढ़े और उन्हें उसकी फाइल मिल जाए।



प्रशासनिक हलचल और फाइल की बरामदगी

वीडियो के सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। बदनामी के डर से अधिकारियों ने आनन-फानन में छुट्टी के दिन भी दफ्तर खुलवाया। घंटों की मशक्कत और रिकॉर्ड खंगालने के बाद आखिरकार वह 'गुमशुदा' फाइल मिल गई, जिसके लिए युवक महीनों से परेशान था। अब प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि फाइल आखिर इतने दिनों तक कहां और किन परिस्थितियों में दबी रही।



अधिकारी का पक्ष: अभद्र व्यवहार का आरोप

दूसरी ओर, हाउसिंग बोर्ड की स्टेट मैनेजर पूनम पांडेय ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता करार दिया है। उन्होंने संपदा अधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि तरुण साहू ने कार्यालय में आकर अभद्रता और गाली-गलौज की। शिकायत में कहा गया है कि युवक ने बिना अनुमति वीडियो बनाया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। अधिकारी ने इसे अपमानजनक बताते हुए युवक पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।



निष्कर्ष

यह घटना सरकारी दफ्तरों में व्याप्त लेटलतीफी और फाइलों के रखरखाव की बदहाली को उजागर करती है। हालांकि युवक का तरीका विवादित हो सकता है, लेकिन इसने सिस्टम की उस खामी को सामने ला दिया है जहां आम आदमी को अपने हक के लिए महीनों भटकना पड़ता है।



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