किराया बढ़ाने के लिए 22 सितंबर से बस ऑपरेटरों की हड़ताल, लाखों यात्री होंगे परेशान

Harrison Masih | Sept 08, 2026, 15:44 IST
बस ऑपरेटरों की हड़ताल
छत्तीसगढ़ में बस ऑपरेटरों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन बस हड़ताल की चेतावनी दी है। 21 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर करीब 12 हजार यात्री बसों के पहिए थम सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों से सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। डीजल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते संचालन खर्च के बीच बस किराया नहीं बढ़ाए जाने से नाराज बस ऑपरेटरों ने 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।



छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को 21 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने कहा है कि अगर तय समय तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में यात्री बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।



12 हजार बसों के पहिए थमने का दावा

छत्तीसगढ़ में करीब 12 हजार यात्री बसें संचालित होती हैं। हड़ताल होने पर लोकल रूट के अलावा रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर समेत लंबी दूरी के रूट और दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली बस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।



बस ऑपरेटरों के मुताबिक, हड़ताल में प्रदेशभर के बस मालिक, ऑपरेटर, कर्मचारी और परिवहन व्यवसायी शामिल होंगे। ऐसे में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।



डीजल और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने से नाराज बस संचालक

बस मालिकों का कहना है कि डीजल के साथ-साथ बसों के रखरखाव, फिटनेस और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद यात्री किराए में लंबे समय से अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उनका दावा है कि मौजूदा किराए में बस संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।



बिलासपुर बस मालिक परिवहन संघ ने सिटी बसों के संचालन को लेकर भी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि सिटी बसों को नगर निगम की सीमा तक ही चलाया जाना चाहिए, लेकिन उनके रूट इससे आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे निजी बस ऑपरेटरों के कारोबार पर असर पड़ रहा है।



क्या हैं बस संचालकों की 9 प्रमुख मांगें?

बस ऑपरेटरों ने शासन के सामने ये मांगें रखी हैं:

  • यात्री बसों का किराया बढ़ाया जाए।
  • सिंगल स्लीपर सीट पर सिंगल टैक्स लागू किया जाए।
  • ई-बसों का संचालन शहर की सीमा तक सीमित रखा जाए।
  • ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों के ग्रामीण क्षेत्रों और बस स्टैंडों से संचालन पर रोक लगाई जाए।
  • स्टेज कैरिज बसों के समयचक्र में दो बसों के बीच उचित अंतराल तय किया जाए।
  • VLTD डिवाइस के रिन्यूअल की दर कम की जाए।
  • बसों को मैनुअल फिटनेस की सुविधा दी जाए।
  • प्रतिहस्ताक्षर की व्यवस्था को नियंत्रित किया जाए।
  • सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

21 सितंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो 22 से महाबंद

बस महासंघ ने स्पष्ट किया है कि 21 सितंबर तक मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 22 सितंबर से बसों का अनिश्चितकालीन महाबंद शुरू किया जाएगा।



अगर हड़ताल लागू होती है, तो प्रदेश में लोकल से लेकर लंबी दूरी की बस सेवाएं प्रभावित होंगी। इससे स्कूल-कॉलेज, नौकरी और रोजमर्रा के काम के लिए बसों पर निर्भर यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होने की संभावना है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में बस हड़ताल कब से होगी?
    बस ऑपरेटरों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन बस हड़ताल की चेतावनी दी है। इसके लिए 21 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
  2. छत्तीसगढ़ में बस संचालकों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
    बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में यात्री किराया बढ़ाना, सिंगल स्लीपर पर सिंगल टैक्स, ई-बसों का संचालन शहर की सीमा तक सीमित करना और VLTD रिन्यूअल शुल्क कम करना शामिल हैं।

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