छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027; 1 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे, पूछे जाएंगे 33 सवाल
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का फील्ड वर्क 1 मई 2026 से शुरू।
- रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ और बलरामपुर जिलों में प्रगणकों की ट्रेनिंग पूरी।
- रायपुर और दुर्ग में मकानों की दीवारों पर नंबर लिखने का काम शुरू।
- जनगणना के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर 33 सवालों से जानकारी एकत्र करेंगे।
NEWS IN DETAIL
1 मई से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना) का मैदानी कार्य (Field work) आधिकारिक रूप से 1 मई 2026 से शुरू किया जाएगा। फिलहाल अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह तक सभी जिलों में ट्रेनिंग और तैयारी अंतिम चरण में है।
कई जिलों में ट्रेनिंग पूरी
सूत्रों के अनुसार रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ और बलरामपुर जिलों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि मई से मैदानी कार्य सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।
मकानों की नंबरिंग का काम शुरू
जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए रायपुर नगर निगम और दुर्ग जिले में मकानों की दीवारों पर नंबर लिखने का काम शुरू कर दिया गया है। यह कार्य जनगणना टीम को घर-घर पहुंचने में मदद करेगा।
घर-घर जाकर ली जाएगी जानकारी
राज्य शासन के गृह (सामान्य) विभाग ने 3 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर जनगणना की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अनुसार प्रगणक निर्धारित क्षेत्रों में जाकर मकान, परिवार और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे।
इन 33 श्रेणियों में पूछे जाएंगे सवाल-
देश की पहली डिजिटल जनगणना
निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें करीब 30 लाख कर्मचारी अपने व्यक्तिगत मोबाइल फोन से डेटा इकट्ठा करेंगे। इन कर्मचारियों को इसके लिए उचित मानदेय दिया जाएगा।
डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। निगरानी और प्रबंधन के लिए वेब पोर्टल का उपयोग होगा। नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) की सुविधा भी दी जाएगी। आवश्यक वित्तीय प्रबंध केंद्र सरकार द्वारा किए जाएंगे।
63 हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी
जनगणना जैसे विशाल कार्य के लिए छत्तीसगढ़ में करीब 63 हजार प्रगणकों और पर्यवेक्षकों सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सभी कार्मिकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि डिजिटल प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
Sootr Alert
जनगणना टीम जब घर आए तो सही जानकारी देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। साथ ही केवल अधिकृत प्रगणक को ही जानकारी दें और पहचान पत्र जरूर जांचें।
IMP FACTS
जनगणना 2027 का पहला चरण: 1 मई 2026 से
चरण: मकान सूचीकरण और आवास गणना
पूछे जाने वाले सवाल: 33 श्रेणियां
जानकारी में शामिल: मकान, सुविधाएं, परिवार, डिजिटल उपकरण
पहले चरण में जिलेवार अंतिम आंकड़े अभी जारी नहीं
आगे क्या
1 मई 2026 से प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण शुरू करेंगे। इसके बाद अगले चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसके आधार पर राज्य और केंद्र सरकार भविष्य की विकास योजनाएं तैयार करेंगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 (Chhattisgarh Census) की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मई से मैदानी कार्य शुरू होने जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार को राज्य की आवासीय स्थिति, सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक संरचना का सटीक डेटा मिलेगा, जो आने वाले वर्षों की नीतियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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