छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्मचारियों का बड़ा ऐलान: 5 नवंबर को होगा स्वास्थ्य भवन का घेराव
समझें क्या है पूरा मामला
- संघ के आह्वान पर 5 नवंबर 2026 को 3,500 से अधिक CHO स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर का घेराव करेंगे।
- संघ के मुताबिक 3 से 4 साल से प्रोत्साहन राशि के लिए आंदोलन, ज्ञापन और प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं।
- संघ का आरोप है कि इंसेंटिव घोटाले के नाम पर सिर्फ CHO पर कार्रवाई हो रही है।
- संघ ने नौकरी से निकालने की धमकियों की शिकायत भी की है।
- संघ ने पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं।
संघ ने क्या आरोप लगाए?
संघ के मुताबिक प्रोत्साहन राशि हर माह शासन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार समय पर मिलनी चाहिए। फिर भी CHO को बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
संघ का कहना है कि राज्य कार्यालय हर साल और समय-समय पर सत्यापन और भुगतान के आदेश देता है। हर माह की 10 तारीख तक PLP पोर्टल से सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी हैं।
संघ के आरोप के मुताबिक जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी इन आदेशों का गंभीरता से पालन नहीं करते। सत्यापन और भुगतान में महीनों की देरी और पोर्टल की गड़बड़ियां बताई गईं।
इंसेंटिव घोटाले वाले आदेश पर क्या कहा?
संघ का आरोप है कि इंसेंटिव घोटाले के नाम पर जारी आदेशों और जांच में सिर्फ CHO को निशाना बनाया जा रहा है। संघ के मुताबिक प्रोत्साहन राशि संस्थागत प्रदर्शन और उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर के कई स्वास्थ्य संकेतकों पर आधारित होती है।
इसलिए जांच हो तो संस्था के सभी कर्मचारियों की भूमिका और अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष होनी चाहिए। संघ ने सिर्फ एक संवर्ग को चुनकर कार्रवाई को अनुचित बताया।
कार्य-बोझ और नौकरी की धमकी
संघ का दावा है कि उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्वीकृत मानव संसाधन और काम के बंटवारे की अनदेखी करके संस्थागत काम, ऑनलाइन एंट्री और स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अतिरिक्त बोझ सिर्फ CHO पर डाला जा रहा है।
संघ ने यह भी कहा कि कई जिलों में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नौकरी से निकालने की धमकियां दिए जाने की शिकायतें आई हैं। इससे असुरक्षा का माहौल बना है। यह भी संघ का दावा है।
संघ की पांच सूत्रीय मांगें क्या हैं?
संघ ने ये पांच मांगें रखी हैं:
इंसेंटिव घोटाले के नाम पर सिर्फ CHO के खिलाफ जारी आदेश को निरस्त या संशोधित किया जाए। पिछले 7-8 माह की लंबित प्रोत्साहन राशि दी जाए।
भुगतान की अनियमितताएं खत्म करने के लिए प्रोत्साहन राशि को CHO के मूल वेतन में समायोजित किया जाए।
उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सभी कर्मचारियों के कार्य-दायित्वों (TOR) की समीक्षा कर हर पद के हिसाब से साफ काम का बंटवारा हो।
सुकमा जिले में PLP पोर्टल पर सत्यापन के बाद तय ग्रेड के उलट मनमाने तरीके से प्रोत्साहन राशि देने के मामले की जांच हो। दोषियों पर कार्रवाई और अंतर राशि का भुगतान हो।
हर माह 10 तारीख तक सत्यापन और भुगतान के निर्देश न मानने और देरी करने वाले जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
संघ अध्यक्ष ने क्या कहा?
संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक CHO आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद आर्थिक हितों और सेवा समस्याओं की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य कार्यालय के आदेश जिला और ब्लॉक स्तर पर लागू नहीं कराए जा सकते, तो यह प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल है।
संघ ने सरकार से क्या अपील की?
संघ ने शासन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि 5 नवंबर के घेराव से पहले सभी मांगों पर ठोस और समयबद्ध फैसला लें। अध्यक्ष ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक और चरणबद्ध करने पर फैसला होगा।
अब आगे क्या?
अब देखना होगा कि 5 नवंबर से पहले स्वास्थ्य विभाग या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ से बात करता है या नहीं।
यह खबर क्यों जरूरी है
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गांवों और कस्बों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए लोगों को इलाज की सुविधा देते हैं। ऐसे में 3,500 से ज्यादा अधिकारियों का आंदोलन होने से ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। संघ का कहना है कि उनकी प्रोत्साहन राशि कई महीनों से नहीं मिली है और कार्रवाई भी सिर्फ उन्हीं के कर्मचारियों पर की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। इस मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य विभाग का पक्ष भी जानना जरूरी है। साथ ही यह भी देखना होगा कि आंदोलन के दौरान मरीजों को इलाज मिलने में कोई परेशानी तो नहीं होगी।
FAQ:
सवाल: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने क्या ऐलान किया है?
जवाब: संघ के मुताबिक 5 नवंबर 2026 को 3,500 से अधिक CHO स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय का घेराव करेंगे।
सवाल: संघ की मुख्य मांगें क्या हैं?
जवाब: लंबित 7-8 माह की प्रोत्साहन राशि का भुगतान, प्रोत्साहन राशि को मूल वेतन में जोड़ना, साफ कार्य-दायित्व तय करना, सुकमा में भुगतान की जांच और देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई।
सवाल: क्या विभाग ने इन आरोपों पर कुछ कहा है?
जवाब: राष्ट्रीयस्वास्थ्य मिशन का कोई बयान सामने नहीं आया है। सभी आरोप संघ की ओर से हैं।