छत्तीसगढ़ में धान बेचने के नियम बदले! किसानों को अब लगाना होगा अंगूठा, टोकन में कम धान लाने पर होगा नुकसान
इसके अलावा टोकन में दर्ज धान की मात्रा को लेकर भी नए निर्देश सामने आए हैं। (CG Paddy Procurement 2026) किसान तय मात्रा से कम धान लेकर पहुंचता है, तो बची हुई मात्रा निरस्त हो जाएगी। ऐसे में किसानों को टोकन बनवाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
धान बेचने के लिए अब फिंगरप्रिंट जरूरी
छत्तीसगढ़ में आगामी (Paddy Biometric Verification) धान खरीदी सीजन के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत खरीदी केंद्र पर धान बेचने वाले किसान की पहचान फिंगरप्रिंट से की जाएगी। किसान की जगह उसका अधिकृत नॉमिनी भी बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकेगा।
पहले ओटीपी के जरिए भी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन नए निर्देशों के अनुसार अब केवल ओटीपी से काम नहीं चलेगा। धान की बिक्री पूरी करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा।
दो या तीन टोकन मिले तो कैसे बंटेगा धान?
धान खरीदी के नए नियमों में टोकन की मात्रा को लेकर भी (CG Dhan Kharidi Token Rules) बदलाव किया गया है। किसी किसान को एक से ज्यादा टोकन मिलते हैं, तो सभी टोकन में धान की मात्रा बराबर रखी जाएगी।
मान लीजिए किसी किसान को 120 क्विंटल धान बेचना है और उसके दो टोकन बनते हैं। ऐसे में दोनों टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा।
इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन जारी होते हैं, तो हर टोकन में 100 क्विंटल धान की मात्रा तय होगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे टोकन मिलने के बाद उसमें दर्ज मात्रा जरूर देख लें।
100 क्विंटल का टोकन, 80 क्विंटल धान लाए तो क्या होगा?
नए निर्देशों में किसानों के लिए सबसे जरूरी बात टोकन में दर्ज धान की मात्रा है। किसान जितनी मात्रा का टोकन बनवाएगा, उसे उसी हिसाब से धान बेचने की तैयारी करनी होगी।
उदाहरण के लिए, किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है, लेकिन वह खरीदी केंद्र पर केवल 80 क्विंटल धान लेकर पहुंचता है। ऐसी स्थिति में बाकी 20 क्विंटल की मात्रा निरस्त हो जाएगी।
इस बची हुई मात्रा को अगले टोकन में जोड़ने की सुविधा नहीं होगी। इसलिए किसानों को पहले अपनी उपज का हिसाब लगाने और उसके बाद टोकन जारी कराने की सलाह दी गई है।
किसान की जगह नॉमिनी भी बेच सकेगा धान
नई व्यवस्था में उन किसानों के लिए भी सुविधा रखी गई है, जो किसी कारण से खुद खरीदी केंद्र नहीं पहुंच सकते। ऐसे किसान अपने अधिकृत नॉमिनी के जरिए धान बेच सकेंगे।
हालांकि, इसके लिए नॉमिनी को भी फिंगरप्रिंट से अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
किसानों को यह भी देखना होगा कि जिस व्यक्ति को उन्होंने नॉमिनी बनाया है, उसकी जानकारी संबंधित समिति के रिकॉर्ड में सही दर्ज हो।
खरीदी केंद्र जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
धान बेचने के दौरान परेशानी से बचने के लिए किसानों को पहले से तैयारी करनी होगी।
- फिंगरप्रिंट सत्यापन: किसान या अधिकृत नॉमिनी की बायोमेट्रिक जांच जरूरी होगी।
- टोकन की जानकारी: टोकन में धान की मात्रा और खरीदी की तारीख सही है या नहीं, इसकी जांच करें।
- धान की मात्रा: खरीदी केंद्र पर जाने से पहले उपलब्ध धान का सही हिसाब लगा लें।
- एक से ज्यादा टोकन: सभी टोकन में कितनी-कितनी मात्रा दर्ज है, यह जरूर देखें।
- समिति से जानकारी: धान बेचने से पहले अपनी सहकारी समिति से नए नियमों की पुष्टि कर लें।
किसानों के लिए क्यों जरूरी हैं नए नियम?
नई व्यवस्था का सीधा असर धान बेचने की प्रक्रिया पर पड़ेगा। अब किसानों को अपनी पहचान के सत्यापन के साथ टोकन में दर्ज मात्रा का भी खास ध्यान रखना होगा।
खासकर उन किसानों को सावधानी बरतनी होगी, जिनकी उपज ज्यादा है और जिन्हें धान बेचने के लिए कई टोकन मिलते हैं।
किसान यदि बिना पूरी तैयारी के (Chhattisgarh Paddy Purchase Rules) खरीदी केंद्र पहुंचते हैं, तो उन्हें परेशानी हो सकती है। कम धान लाने पर टोकन की बची मात्रा भी निरस्त हो सकती है। इसलिए खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित समिति से नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।
FAQ
- किसानों के लिए नए धान खरीदने के नियम क्या हैं?
छत्तीसगढ़ में किसानों को फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा और टोकन में दर्ज धान की मात्रा के अनुसार ही धान बेचने की तैयारी करनी होगी। यदि किसान निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर आता है, तो बची हुई मात्रा निरस्त हो जाएगी। - अगर मुझे एक से ज्यादा टोकन मिलते हैं, तो धान की मात्रा कैसे विभाजित होगी?
यदि किसी किसान को एक से ज्यादा टोकन मिलते हैं, तो सभी टोकन में धान की मात्रा बराबर रखी जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर एक किसान को 120 क्विंटल धान बेचने के लिए दो टोकन मिलते हैं, तो प्रत्येक टोकन में 60 क्विंटल धान दर्ज होगा। - क्या कोई किसान अपने नॉमिनी के ज़रिए धान बेच सकता है?
हां, किसान अपनी जगह अधिकृत नॉमिनी के माध्यम से धान बेच सकते हैं, लेकिन इसके लिए नॉमिनी को भी फिंगरप्रिंट से पहचान सत्यापित करानी होगी। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।