छत्तीसगढ़ की खदानों ने देश में चमकाया नाम, कोयला खनन में सुरक्षा और बेहतर काम के दम पर हासिल की 5 स्टार रेटिंग

VINAY VERMA | Nov 03, 2026, 13:43 IST
कोयला खनन में छत्तीसगढ़ का डंका: SECL समेत राज्य की 5 खदानों को केंद्र सरकार ने दी 5 स्टार रेटिंग
Five coal mines in Chhattisgarh receive the prestigious 5-star rating from the Coal Ministry for their outstanding mining performance in FY 2024-25.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पांच कोयला खदानों ने देशभर में अपना नाम रोशन किया है। कोयला खनन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली इन खदानों को केंद्र सरकार ने 5 स्टार रेटिंग से सम्मानित किया है। खास बात यह है कि सम्मान पाने वाली खदानों में तीन भूमिगत हैं, जबकि दो ओपनकास्ट खदानें हैं।

आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह में इन खदानों की उपलब्धियों को सम्मान मिला।



कुल 50 खदानों को मिला पुरस्कार

कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर देश की 50 खदानों को 5 स्टार रेटिंग पुरस्कार दिया है। इनमें 15 भूमिगत और 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने समारोह में पुरस्कार वितरित किए। इस सूची में छत्तीसगढ़ की पांच खदानों का शामिल होना राज्य के कोयला क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।




SECL की तीन खदानों ने मारी बाजी

छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें शामिल हैं। इनमें बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन को 5 स्टार रेटिंग मिली है। तीनों खदानों ने भूमिगत खनन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि भूमिगत खनन में सुरक्षा, तकनीक और उत्पादन के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होती है।




गेरे पेलमा और पारसा ईस्ट को भी मिला सम्मान

राज्य की दो अन्य खदानों ने भी 5 स्टार रेटिंग हासिल की है। इनमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन और पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन शामिल हैं। यानी सरकारी कंपनी से लेकर निजी क्षेत्र की खदानों तक ने इस मूल्यांकन में अपनी जगह बनाई है।




सिर्फ उत्पादन नहीं, इन पैमानों पर भी होती है परीक्षा

खदानों को स्टार रेटिंग सिर्फ कोयला उत्पादन के आधार पर नहीं दी जाती। इसके लिए कई पैमानों पर जांच की जाती है। इनमें कामकाज की दक्षता, उत्पादन और उत्पादकता, नई तकनीक का इस्तेमाल, कर्मचारियों की सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन और स्थानीय लोगों के कल्याण जैसे विषय शामिल हैं। कोयला नियंत्रक संगठन की ओर से नियुक्त समीक्षक इन खदानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन और सत्यापन करते हैं।




खनन में सुरक्षा और पर्यावरण पर जोर

स्टार रेटिंग का मकसद खदानों के बीच बेहतर काम करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। इसके जरिए कंपनियों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से खनन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने और स्थानीय समुदायों के हितों का ध्यान रखने पर भी जोर दिया जाता है।



रायपुर में आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ की पांच खदानों को मिला सम्मान राज्य के कोयला उद्योग की उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, 5 स्टार रेटिंग का असली महत्व तभी है, जब खदानों में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार खनन की ये व्यवस्थाएं लगातार जमीन पर भी दिखाई दें।



  1. छत्तीसगढ़ की कितनी कोयला खदानों को 5 स्टार रेटिंग मिली है?
    छत्तीसगढ़ की कुल पांच कोयला खदानों को केंद्र सरकार की ओर से 5 स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है।
  2. देश की कुल कितनी खदानों को 5 स्टार रेटिंग मिली है?
    वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर देश की कुल 50 खदानों को 5 स्टार रेटिंग पुरस्कार दिया गया है।
  3. 5 स्टार रेटिंग का उद्देश्य क्या है?
    इसका उद्देश्य खदानों के बीच बेहतर प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और सुरक्षित, वैज्ञानिक व पर्यावरण के अनुकूल खनन को प्रोत्साहित करना है।
Tags:
  • कोयला खनन
  • छत्तीसगढ़ खदान 5 स्टार रेटिंग
  • 5 Star Rating Mines
  • छत्तीसगढ़ की खदानें
  • कोयला खनन सुरक्षा पुरस्कार
  • SECL
  • कोयला खदान