छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की मौज, साल में 122 दिन ताले में बंद दफ्तर

Arun Tiwari | Sept 02, 2026, 17:44 IST
छत्तीसगढ़ में छुट्टियां
छत्तीसगढ़ में छुट्टियां
छत्तीसगढ़ में 2026 के दौरान सरकारी छुट्टियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शनिवार-रविवार, राष्ट्रीय और सार्वजनिक अवकाश समेत साल में करीब 122 दिन सरकारी दफ्तरों में छुट्टी है।

छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जहां पर सबसे ज्यादा सरकारी छुट्टियां होती हैं। शनिवार और रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के अलावा राज्य के अपने इतने त्यौहार हैं जिनकी छुट्टियां घोषित हैं। यहां पर सरकारी कर्मचारियों की मौज ही मौज है। नुआखाई, पोला, तीजा जैसे कई ऐसे पर्व हैं जिनकी सरकारी छुट्टी होती है।



ऐच्छिक अवकाश अलग से हैं। इनके साथ ही कैजुअल लीव, मेडिकल लीव और स्टडी लीव जैसी सुविधाएं तो सोने पर सुहागा कर देती हैं। साल के 365 दिनों में से यहां पर 122 दिन छुट्टी के है। यानी 122 दिन सरकारी दफ्तरों के ताले भी नहीं खुलते।



अगर आप राशन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, जमीन का नामांतरण या राजस्व से जुड़ा कोई जरूरी काम कराने सरकारी दफ्तर जाने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! पहले कैलेंडर में तारीख जरूर जांच लें। ऐसा न हो कि आप पूरी तैयारी के साथ दफ्तर पहुंचे और वहां सन्नाटा या कर्मचारियों की खाली कुर्सियां आपका स्वागत करें।



छुट्टियों वाला राज्य :

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 का कैलेंडर सरकारी कामकाज के लिहाज से आम जनता की मुश्किलें बढ़ाने वाला नजर आ रहा है। साल के 365 दिनों में से करीब 122 दिन सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप रहेगा। यानी साल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा छुट्टियों की भेंट चढ़ जाएगा और दफ्तरों में सिर्फ 243 दिन ही नियमित काम हो सकेगा।



औसतन हर महीने 8 से लेकर 13 दिन तक छुट्टियां पड़ रही हैं। सरकारी व्यवस्था में पांच कार्य दिवस लागू होने के कारण शनिवार और रविवार को पहले ही अवकाश रहता है। ऐसे में यदि सप्ताह के बीच में कोई त्योहार या सरकारी छुट्टी आ जाती है, तो कर्मचारी उसके आगे-पीछे कैजुअल लीव (CL) लेकर तीन-चार दिनों का लंबा मिनी-वेकेशन बना लेते हैं।



छोटे कार्यालयों में जहां पहले से ही स्टाफ कम होता है, वहां एक भी कर्मचारी के छुट्टी पर जाने से काम पूरी तरह ठप पड़ जाता है और लोगों को हफ्तों इंतजार करना पड़ता है।



गांव से आने वालों की जेब पर दोहरी मार :

इस छुट्टियों के सिलसिले का सबसे बुरा असर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों पर पड़ता है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, सीमांकन और भू-अभिलेख दुरुस्ती जैसे बेहद जरूरी कामों के लिए लोग बस का भाड़ा लगाकर तहसील या जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। काम न होने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।



छुट्टियों का गणित :

छत्तीसगढ़ में छुट्टियां


ई ऑफिस पर फाइलों का निपटारा :

राज्य सरकार ने शनिवार-रविवार के अलावा 28 सामान्य और 18 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय पर्वों जैसे तीजा, नुआखाई, दीपावली,दशहरा पर जिला प्रशासन अलग से स्थानीय अवकाश देता है। वहीं दूसरी तरफ, छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन का पक्ष थोड़ा अलग है।



फेडरेशन का कहना है कि छुट्टियों की वजह से काम प्रभावित होने की बात पूरी तरह सही नहीं है। मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों से लेकर जिला व ब्लॉक स्तर पर 'ई-ऑफिस' और सेवा सेतु जैसी ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारी छुट्टियों के दिनों में भी घर बैठे जरूरी फाइलों का निपटारा कर रहे हैं।



दफ्तरों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। ऐसे में सालभर में मिलने वाले नियमानुसार अवकाश को काम में रुकावट की वजह बताना उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर कर्मचारी छुट्टी वाले दिन भी काम करते हैं।



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