छत्तीसगढ़ मोबाइल टावर योजना: अब हर गांव में दौड़ेगा नेटवर्क, द सूत्र की खबर का बड़ा असर
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ सरकार ने मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी है।
- राज्य के दूरदराज इलाकों में नेटवर्क की कमी दूर होगी।
- केंद्र ने 5000 टावर का प्रस्ताव खारिज किया था।
- वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ मिलेगा।
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस योजना को स्वीकृति दी।
NEWS IN DETAIL
RAIPUR. छत्तीसगढ़ में द सूत्र की खबर का एक बार फिर असर हुआ है। दरअसल सरकार छग में ई गवर्नेंस लागू करना चाहती है। इसके लिए सेवाओं को ऑन लाइन किया जा रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारियों और अधिकारियों की हाजिरी तक ऑन लाइन करने का प्रावधान किया गया था।
जबकि हकीकत में प्रदेश के मोबाइल टावर की भारी कमी है। बस्तर-सरगुजा तो दूर बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर संभाग में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं हैं। विषय की पड़ताल कर द सूत्र ने खबर प्रकाशित की थी। जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए मोबाइल टावर योजना की शुरुआत की है।
सूत्र की खबर
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कैबिनेट में लगी मुहर
सरकार की इस नई योजना का उद्देश्य प्रदेश में मोबाइल टावर की कमियां दूर करना है। जिससे न केवल शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना है बल्कि प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारियों और शासन के बीच विवाद की स्थिति को समाप्त करना है। 4 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसपर मुहर भी लगा दी गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बता रहे हैं कि सरकार जल्द डिटेल प्रोजेक्ट के साथ इस पर काम शुरु कर देगी।
केंद्र से भी ना उम्मीदी
प्रदेश में मोबाइल टावर की कमी को देखते हुए छग सरकार ने केंद्र से प्रदेश में 5000 मोबाइल टावर लगाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन केंद्र ने उसमें 90 प्रतिशत तक कटौती कर दी थी। जिससे शासन की लगभग 200 योजनाओं को रफ्तार नहीं मिल पा रही थी। जिसके बाद राज्य सरकार ने अपने स्तर पर मोबाइल टावर लगाने की योजना लागू की है।
वामपंथियों के प्रहार में मददगार
कैबिनेट में जिस मोबाइल टावर योजना को स्वीकृति दी गई है। वह भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद पर भी प्रहार पर मददगार होगा। सरकार ने यहां तक माना है कि प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है।
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इस तरह होगा काम
मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डीबीटी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी। सरकार का वादा है कि इस योजना के जरिए प्रदेश में तय समय के अंदर मोबाइल टावर लगवा लिए जाएंगे।