छत्तीसगढ़ में बनेगा स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड, अब एक ही मंडल करेगा तृतीय-चतुर्थ वर्ग की भर्ती
News in Short
- छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए नया कर्मचारी चयन मंडल बनेगा।
- कर्मचारी चयन मंडल क्लर्क, सहायक, ऑपरेटर जैसे कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित करेगा।
- पहले भर्ती प्रणाली बिखरी हुई थी, अब केंद्रीकृत और पारदर्शी प्रक्रिया लागू होगी।
- नया कानून नकल और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करेगा, परीक्षा को सुरक्षित बनाएगा।
- लाखों युवा इस बदलाव का फायदा उठाकर सरकारी नौकरी की तैयारी करेंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी।
News in Detail
RAIPUR. छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों की भर्ती व्यवस्था बदलने जा रही है। अब राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नए सिस्टम से होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब साफ है। अब अलग-अलग विभागों की जगह एक ही मंडल भर्ती प्रक्रिया संभालेगा। तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह की नौकरियां इसी मंडल के जरिए भरी जाएंगी। सरकार इसे भर्ती सिस्टम में बड़ा प्रशासनिक सुधार बता रही है।
कई पदों पर होगी भर्ती
सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल राज्य के विभिन्न विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती करेगा। इसमें क्लर्क, सहायक, तकनीकी स्टाफ, ऑपरेटर जैसे कई पद शामिल होंगे। मंडल प्रक्रिया आयोजित करेगा। इंटरव्यू भी कराएगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन सूची विभागों को भेजी जाएगी। यानी भर्ती से लेकर अंतिम चयन तक की पूरी जिम्मेदारी इसी मंडल पर होगी। इससे प्रक्रिया एकसमान और नियंत्रित रहने की उम्मीद है।
अभी बिखरा हुआ है भर्ती सिस्टम
छत्तीसगढ़ में अभी तक भर्ती व्यवस्था बिखरी हुई थी। कई विभाग अपने स्तर पर भर्ती करते थे। कहीं संविदा कर्मचारी रखे जाते थे तो कहीं दैनिक वेतनभोगी। कुछ जगहों पर प्रक्रिया व्यापम यानि व्यावसायिक परीक्षा मंडल के जरिए होती थी। व्यापम केवल परीक्षा लेकर मेरिट सूची तैयार करता था। इसके बाद इंटरव्यू और चयन की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर होती थी। इसी वजह से पारदर्शिता और समयसीमा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।
इंटरव्यू से लेकर मेरिट तक मंडल की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में भर्ती की पूरी प्रक्रिया केंद्रीकृत होगी। परीक्षा, इंटरव्यू और मेरिट सूची सब कुछ कर्मचारी चयन मंडल के जरिए होगा। प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। इसके बाद अंतिम चयन सूची संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में देरी कम होगी। विवाद भी घटेंगे। साथ ही उम्मीदवारों को एक स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली मिलेगी।
पहले विभागों को मिली थी सीधी छूट
राज्य गठन के बाद भर्ती को लेकर अलग व्यवस्था बनाई गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विभागों को अपने स्तर पर तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियां करने की छूट दी थी। विभाग सीधे भर्ती कर सकते थे। लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चली। तय समय सीमा के बाद इसे खत्म कर दिया गया। इसके बाद भी भर्ती को लेकर एक स्थायी और केंद्रीकृत सिस्टम नहीं बन पाया था।
नकल और पेपर लीक पर भी सख्त कानून
कैबिनेट ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक और अहम फैसला लिया है। सरकार छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 लाने जा रही है। इसका उद्देश्य परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाना है। हाल के वर्षों में कई राज्यों में पेपर लीक के बड़े मामले सामने आए हैं। इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा। इसमें कड़े प्रावधान शामिल किए जाएंगे। पेपर लीक, नकल या परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा। सरकार का दावा है कि कर्मचारी चयन मंडल और नए कानून के जरिए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाएगा।
युवाओं की नजर अब नई व्यवस्था पर
छत्तीसगढ़ में हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का असर सीधे युवाओं पर पड़ेगा। कर्मचारी चयन मंडल का गठन और नकल रोकने का कानून दोनों फैसले भर्ती सिस्टम को नए ढांचे में ढालने की कोशिश माने जा रहे हैं।
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