22 महीने बाद अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने दी जमानत, नहीं आएंगे जेल से बाहर
NEWS IN SHORT
- जेल में बंद पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को हाई कोर्ट से जमानत मिली।
- दोनों करीब 22 महीने से केंद्रीय जेल में निरुद्ध है।
- DMFऔर CSMCLघोटालों के चलते 11 मार्च तक हैं रिमांड पर।
- जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रखने के बाद जमानत दी।
- नितेश पुरोहित और यश पुरोहित को भी राहत मिली है।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले में आरोपित पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। दोनों लगभग 22 महीने से केंद्रीय जेल में बंद हैं। जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित और यश पुरोहित की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की थी। आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने सभी को जमानत दी है।
जमानत के बाद भी दोनों फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। इसका कारण यह है कि उनके खिलाफ DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड) और CSMCL (ओवरटाइम भत्ता घोटाला) जैसे अन्य मामले लंबित हैं। इन मामलों में वे फिलहाल 11 मार्च 2026 तक न्यायिक रिमांड पर हैं।
EOW ने की थी पुनः गिरफ्तारी
हाल ही में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अनिल टुटेजा को डीएमएफ घोटाले में संलिप्तता के आरोप में और अनवर ढेबर को आबकारी से जुड़े अन्य मामले में पुनः गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई उस समय की गई थी जब दोनों पहले से जेल में बंद थे।
बचाव पक्ष के तर्क
आरोपियों के अधिवक्ताओं ने EOW की कार्रवाई को कानून का दुरुपयोग बताया था। उनका कहना था कि यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। इन तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद जमानत की शर्तें पूरी करने पर आरोपियों की रिहाई संभव होगी। हालांकि, मामलों की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी। लेकिन दूसरे मामलों की जांच के चलते जमानत के बाद भी दोनों फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
Knowledge
- जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं, बल्कि मुकदमे के दौरान सशर्त रिहाई है।
- EOW (Economic Offences Wing) आर्थिक अपराधों की जांच के लिए विशेष एजेंसी है।
- डीएमएफ (District Mineral Foundation) खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाई गई निधि है।
- आबकारी घोटाला राज्य में शराब नीति और राजस्व से जुड़ा मामला है।
- हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करना आरोपी का संवैधानिक अधिकार है।
IMP FACTS
- आरोपी: पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर
- अन्य नाम: नितेश पुरोहित, यश पुरोहित
- एजेंसी: EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा)
- मामले: आबकारी घोटाला, डीएमएफ घोटाला
- स्थिति: हाई कोर्ट से जमानत मंजूर
निष्कर्ष
हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनिल टुटेजा (Anil Tuteja) और अनवर ढेबर को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े मामलों में अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के बाद ही होगा।
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